सावित्री बाई फुले-राम किशोर पाठक

Ram Kishore Pathak

तर्क कसौटी की थी दात्री।

सावित्री शिक्षा की जात्री।।

ज्योति जलाने जग में आई।

नारी शिक्षा को फैलाई।।

बनकर वह एक अधिष्ठात्री।

सावित्री शिक्षा की जात्री।।०१।।

पति से मिलकर कदम बढ़ाई।

सामाजिक वह भेद मिटाई।।

वह थी संकल्प अटल धात्री।

सावित्री शिक्षा की जात्री।।०२।।

भारत की शिक्षिका वहीं थी।

दे दी जिसने सीख सही थी।।

समरसता की थी निर्मात्री।

सावित्री शिक्षा की जात्री।।०३।।

गीतकार:- राम किशोर पाठक

प्रधान शिक्षक

प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला

बिहटा, पटना, बिहार।

संपर्क – 9835232978

0 Likes
Spread the love

Leave a Reply