किसी ने कहा, तू मौन हो गया है । आजकल अपने आप में गौण हो गया है।। लगता है तेरे दोस्त, तुझे छोड़ दिए। तुमसे बातें करने वाले मुख मोड़…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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