Tag: जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”

Janindra Prasad Ravi

ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

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ठंड का प्रभाव – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ मनहरण घनाक्षरी छंद जाड़े में जो कुहासे से बढ़ जाती ठंड जब, अत्यधिक[...]

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Janindra Prasad Ravi

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

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प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’ बाबा औघड़ दानी धतूरा के फूल गंगा जल पर रीझते हो, तभी तो औघड़[...]

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Jainendra

प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:36 pm

श्याम वंशीवाला सिर पे मुकुट मोर, गोपियों के चित्तचोर, होंठ लाले-लाल किये, खड़ा बंसी वाला है। कहते हैं ग्वाल-बाल, मित्र[...]

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Jainendra

शुभकामना संदेश – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’शुभकामना संदेश – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

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शुभकामना संदेश मध्य विद्यालय दरबे भदौर*प्रखंड पंडारक के प्रधानाध्यापक *भाई रामपाल सिंह अनजान जी का दिनांक ३१,१०,२०२५ को विद्यालय से[...]

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Jainendra

चुनावी जुमले बाज़ी –  जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’चुनावी जुमले बाज़ी –  जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

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चुनावी जुमले बाज़ी  जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’   जंगल राज कह कर सबको डराते हैं, विकास-भ्रष्टाचार के, मूद्दे हुए गौण है।[...]

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Jainendra

सुखी होगा परिवार- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’सुखी होगा परिवार- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:26 am

रूप घनाक्षरी छंद में पितरों को तिल जल- कुशाग्र अर्पण करें, उनके आशीष से ही, सुखी होगा परिवार। नदियों या[...]

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Jainendra

जैसी होती भावना- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’जैसी होती भावना- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 10:17 am

जैसी होती भावना मनहरण घनाक्षरी छंद मानने से पत्थर में- मिलते हैं भगवान, दूध में मक्खन सिर्फ, देखे मेरी भावना।[...]

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Jainendra

अँखियाँ भिगोने से- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’अँखियाँ भिगोने से- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:52 am

मनहरण घनाक्षरी छंद कड़ी धूप खिलने से- परेशानी बढ़ जाती, मौसम बदल जाता, बरसात होने से। मजदूर किसानों की- मेहनत[...]

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Jainendra

मित्रवत व्यवहार – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मित्रवत व्यवहार – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:14 pm

रूप घनाक्षरी छंद आपसी बढ़ाए प्रीत, लिखिए नवल गीत, अपने पराए हेतु, दिल में भरा हो प्यार। कोई नहीं बड़ा-छोटा,[...]

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