Tag: जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”

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गुरु भगवान – जैनेन्द्र प्रसाद रविगुरु भगवान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 10:32 am

मृत भुवन में मैं था कब से भटक रहा, जीवन बदल गया जब पाया गुरु ज्ञान। रोज कुछ छाँटकर, प्यार[...]

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गुरु भगवान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’गुरु भगवान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:29 am

मृत भुवन में मैं था कब से भटक रहा, जीवन बदल गया जब पाया गुरु ज्ञान। रोज कुछ छाँटकर, प्यार[...]

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चन्द्र यान की सफलता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’चन्द्र यान की सफलता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:26 pm

विक्रम की लैंडिंग को देखा दिल थाम कर, कठिन जोखिम भरा मिशन था चंद्रयान। बरसों की तपस्या का आज जाके[...]

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विजयी विश्व तिरंगा – जैनेन्द्र प्रसाद रविविजयी विश्व तिरंगा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

1 Comment 9:49 pm

लगन और मेहनत के बल पर बंजर में फ़सल उगाएंगे। विजयी विश्व तिरंगा को हम आसमां में लहराएंगे।। 1971 के[...]

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धान की बुआई – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’धान की बुआई – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

1 Comment 4:18 pm

मिलके लुगाई संग धान की बुवाई करें, फसल उगाने हेतु किसान लगाता जोर। हल उठा काँधे पर खेतों की जुताई[...]

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बेबस इंसान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बेबस इंसान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 6:32 pm

रूप घनाक्षरी छंद पानी हेतु किसानों की नजरें तरस रहीं, धूल उड़े सावन में देख रहे आसमान। नमी बिना खेतों[...]

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बरखा बहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’बरखा बहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 1:21 pm

बरखा बहार आई मन में उमंग छाई, मोती जैसे आसमान झमाझम बरसे। नई – नई दूब उगी, फसल की आस[...]

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प्रकृति के आगे लाचार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रकृति के आगे लाचार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:02 am

छंद -रूप घनाक्षरी अचानक मौसम ने बदला है करवट, आज सारे जीव जंतु गर्मी से गए हैं हार। पसीने से[...]

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फलों का राजा आम – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’फलों का राजा आम – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:36 pm

आम का मौसम आया, स्वादिष्ट सौगात लाया, सुन्दर रसीले और भाव-सुर लहरी। कोई खाए आम्रपाली, केशर किशुन भोग, जर्दालु केसर[...]

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वर्षा रानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’वर्षा रानी – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:32 pm

वर्षा आई झमाझम, मोती गिरे छमाछम, किसानों के चेहरे पे खुशी की निशानी है। बिजली कड़क रही, घटाएं गरज रहीं,[...]

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