Tag: जैनेन्द्र प्रसाद “रवि”

Jainendra Prasad Ravi

समय है गतिमान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’समय है गतिमान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 8:25 pm

नश्वर दुनिया में है धर्म केवल शाश्वत, लोभ-मोह छोड़कर, नित्य करें प्रेमदान। जगत पिता से यहां कुछ भी है छिपा[...]

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Jainendra Prasad Ravi

छठ पर्व – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’छठ पर्व – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:40 am

विद्या:- मनहरण घनाक्षरी छंद छठ व्रती आस रख, मन में विश्वास रख, खुद निराहार रह, करते हैं खरना। शाम-सुबह सूर्य[...]

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Jainendra Prasad Ravi

विकास की मार – जैनेन्द्र प्रसाद रविविकास की मार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 12:05 pm

चहुओर चकाचौंध दिवाली की रात है। सफाई के साथ लाई खुशी की सौगात है।। बल्बों की लड़ियों से घरों को[...]

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Jainendra

नाम की महिमा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’नाम की महिमा – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 2:52 pm

सूर – रसखान करें महिमा की गुण गान, छोड़ जग दिन रात, मीरा जपी राधे श्याम। नाम का सहारा ले[...]

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Jainendra

प्रकाशोत्सव – जैनेन्द्र प्रसाद रविप्रकाशोत्सव – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 2:46 pm

चहुओर दीवाली में छतों और दीवारों पे, करती हैं जगमग, बल्बों की ये लड़ियांँ। कोई उपहार लाते मिठाई मलाई खाते,[...]

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Jainendra Prasad Ravi

दिवाली का त्यौहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’दिवाली का त्यौहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:14 pm

उत्साह उमंग संग दूधिया प्रकाश पर्व, साल भर बाद आता दीपावली का त्यौहार। आपस में सब मिल घरों की सफाई[...]

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Jainendra Prasad Ravi

बच्चों का हुडदंग – जैनेन्द्र प्रसाद रविबच्चों का हुडदंग – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 9:11 pm

जब भी दीवाली आता, बच्चों को बहुत भाता, भाग दौड़ कर निज, घरों को सजाते हैं। साफ कर घर-वार रंगाई[...]

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Jainendra Prasad Ravi

इंसान की कीमत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’इंसान की कीमत – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:13 pm

आदमी से कहीं ज्यादा पशु होता वफादार, मानव को त्याग हम, पालते हैं स्वान को। माता-पिता से भी ज्यादा करते[...]

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Jainendra Prasad Ravi

सुबह की सैर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’सुबह की सैर – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:11 pm

शीतल पवन चली, दूब बिछी मखमली, सुंदर नजारा देख,कदम ठहरता। फैली हुई हरियाली, झुकी हुई धान बाली, फसलों को देखकर[...]

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Jainendra

जगत निर्माता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’जगत निर्माता – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 10:31 am

अगर कपूर धूप कंचन के थाल धर, आरती उतारें रोज गणेश की माता की। फल-फूल-अक्षत ले चरणों में सिर रख,[...]

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