जब नव वर्ष की खुशी मिली – अमरनाथ त्रिवेदी

ज़ब  नव वर्ष की खुशी मिली,बढे चलो बढे चलो ।वैर हो    कुपंथ से ,कुमार्ग  से बचे  चलो । तेजस्वी की शान  हो,मनस्वी  की संतान  हो ।सुमार्ग में न  क़ोई  अवरोध  दे ,अलग ही उसकी तान  हो । बाधाओं से न तुम…

नव वर्ष-रूचिका

नव वर्ष नव संकल्प, नव निश्चय, नव उमंग हो स्वागत कीजिये नव वर्ष का तरंग हो दृढ़ता हिम्मत और संबल बनें सदा, हर दिल में प्रीत का इंद्रधनुषी रंग हो।…

नव वर्ष-प्रकाश प्रभात 

नव वर्ष नव वर्ष हमेशा कहलाएगा, जब तेरा सम्मान बढ़ाएगा। नव वर्ष खुशियाँ लेकर आएगा सारे लोग, खूब धूम मचाएगा। अबकी बार कोरोना कहर जाएगा, जब वर्ष बीस सौ इक्कीस…