सबको मिलकर लड़ना होगा। हरदम आगे बढ़ना होगा ।। महँगाई से लड़ना है अब , जिसने लूटा चैन सभी का । इसके कारण रोते हैं सब , यह है दुश्मन…
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स्वरचित कविता का प्रकाशन
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