शिक्षा और समाज बिना शिक्षा के मिटै न अंधकार। शिक्षा से समाज का होता अधिक विकास, पढ़-लिखकर शिक्षित होंगे हमारे देश के सभी समाज। हमारे समाज में बच्चे, बूढ़े, नर-…
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रूपघनाक्षरी – शृंगार – एस.के.पूनम
ऊँ कृष्णाय नमः विधा:-रूपघनाक्षरी। विषय:-शृंगार। उठती हैं सागर में, तरंगें हजारों बार, सिन्धु करे जल राशि,से शृंगार बार-बार। केवट है नैया पर, गाते गीत मलहार, झूम रहे संगी-साथी,पहुँचे हैं उस…
जमाने में – गजल – राम किशोर पाठक
जमाने में – गजल – राम किशोर पाठक कौन है जो कहे जमाने में। मौन सारे लगे बचाने में।। आज अपने बहुत यहाँ रिश्ते। है कई इस कदर दिखाने में।।…
अनुराग सवैया – राम किशोर पाठक
अनुराग सवैया – राम किशोर पाठक गणेश महेश सुरेश दिनेश पुकार करूँ नित आस लगाएँ। विकार सुधार विचार प्रचार निखार रहा निज दोष गिनाएँ।। अबोध सदा यह बालक है प्रभु…
गिरीन्द्र मोहन झा
छोटी-छोटी उपलब्धियां मिलकर बड़े उपलब्धि का रूप ले लेती है। छोटे-छोटे कार्य, छोटे-छोटे सुधार, छोटी-छोटी प्रगति जीवन में बहुत मायने रखते हैं। विकास से बढ़कर सतत विकास होता है। कर्म…
मत कर मेरी अभी ब्याह री मेरी मैया – नीतू रानी
मत कर मेरी अभी ब्याह री मेरी मैया – नीतू रानी मत कर अभी मेरी,ब्याह री मेरी मैया, अभी न हुई ब्याह की लायक री मेरी मैया। मुझे अभी स्कूल…
मत करना तू ब्याह अभी – मनु कुमारी
जी भर कर अभी खेल ना पाई सखियों के संग मैया। मेरे ब्याहने के खातिर तू बेच रही क्यों गैया।। अपने हक का लाड़ प्यार मुझको री मैया दे दो।…
कर्म हमें ऐसा करना है- सरसी छंद गीत – राम किशोर पाठक
कर्म हमें ऐसा करना है- सरसी छंद गीत कर्म हमें ऐसा करना है, जिससे मिले सुकून। जीवन मूल्य लक्ष्य को पाना, रखिए सदा जुनून।। चलते रहना काम हमारा, मन में…
प्रभाती पुष्प – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
श्याम वंशीवाला सिर पे मुकुट मोर, गोपियों के चित्तचोर, होंठ लाले-लाल किये, खड़ा बंसी वाला है। कहते हैं ग्वाल-बाल, मित्र मेरा नंदलाल , कन्हैया की माता बड़े, नाजों से हीं…
मैं ईर्ष्या हूँ – मोहम्मद आसिफ इकबाल
मैं ईर्ष्या हूँ, मैं ऐसा ही हूँ। मनुष्य के मन में वास करता हूँ, संबंधों का सत्यानाश करता हूँ। हाँ मैं दोस्तों को भी नहीं छोड़ता, छोड़ता नहीं मैं दुश्मनों…