वीर माता क्यों मजबूर हुई-नीतू रानी

Nitu Rani

वीर‌ माता क्यों मजबूर हुई

जब उसपर अत्याचार क्रूर हुई,

तभी वीर माता मजबूर हुई।

वीर माता पर पुरुषों का बज्र प्रहार,

वीर माता खाती रही पुरुषों की मार।

वीर माता पर बदनामी की दाग,

पुरुषों ने लगाई वीर माता की देह में आग।

वीर माता सहती रही सबकी बोली ,

वीर माता को खिलायी गई जहर की गोली।

वीर माता जब दुःख से दुःखी हुई,

तभी वीर माता मजबूर हुई।

वीर माता पर दहेज हत्या काण्ड,

फाँसी देकर ली गई उसकी जान।

वीर माता पर घरेलू अत्याचार,

वीर माता पर एक से एक प्रहार।

सिर्फ वीर माता के लिए बनी है शिक्षा,

जब मन तब वीर माता से ली जाती परीक्षा।

सबके सामने है एक प्रमाण ,

माँ सीता पर है हमें अभिमान।

जब वीर माता अत्याचार सह न सकी,

तभी वीर माता मजबूर हुई।

नीतू रानी , विशिष्ट शिक्षिका 

स्वरचित कविता वीर माता।

स्कूल -म०वि० रहमत नगर

सदर मुख्यालय पूर्णियाँ बिहार

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