यही वर दो हमें – सारिका छंद – राम किशोर पाठक
भगवान दया कर दान, यही वर दो हमें ।
विधि का समझूँ हर ज्ञान, यही वर दो हमें।।
रचना हम सुंदर भाव, सदा करते रहें।
हम हो प्रभु विज्ञ सुजान, यही वर दो हमें।।
सुविधा सबके जब साथ, मिले खुशियाँ सभी।
भर दूँ सबका खलिहान, यही वर दो हमें।।
शुभता भर दूँ कुछ खास, नहीं डर हो कभी।
कर पुष्पित देख विरान, यही वर दो हमें।।
सबसे पहले रख राष्ट्र, करें सब काम को।
कर पालन राष्ट्र विधान, यही वर दो हमें।।
हर मंजिल का नित राह, हमें मिलता रहे।
मन हर्षित त्याग थकान, यही वर दो हमें।।
भजना अब पावन नाम, सियापति बोलना।
मुख सुन्दर राम जुबान, यही वर दो हमें।।
अब संभव हो हर काम, हमें क्षमता भरो।
चित सुंदर राम मचान, यही वर दो हमें।।
प्रभु भक्ति मिले सद भाव, करूँ विनती यही।
हरि नाम करूँ गुणगान, यही वर दो हमें।।
रचयिता:- राम किशोर पाठक
प्रधान शिक्षक
प्राथमिक विद्यालय कालीगंज उत्तर टोला, बिहटा, पटना, बिहार।
संपर्क – 9835232978
