वृक्ष मेरे मित्र अनोखे, हमें जीवन की सौगात दिये हैं । रहे मौन सदा, नही कोई शिकायत, बदले में सब[...]
Nothing teaches you betterNothing teaches you better
Nothing Teaches you Better Nothing teaches you better than these fives The years The fears The tears The jeers[...]
You Meet the PeopleYou Meet the People
you Meet the people You meet the people you are meant to meet not by accident not by chance but[...]
ताड़ासन – कार्तिक कुमारताड़ासन – कार्तिक कुमार
ताड़ासन सीधे खड़े हो तन को तानो, ताड़ वृक्ष सा रूप बनाओ। दोनों हाथ ऊपर ले जाकर, आकाश की ओर[...]
वृक्षासन -कार्तिक कुमारवृक्षासन -कार्तिक कुमार
वृक्षासन एक पैर पर खड़े हो जाओ, वृक्ष समान संतुलन पाओ। दूसरा पैर जंघा पर रखकर, हाथ जोड़ ध्यान लगाओ।[...]
भद्रासन -कार्तिक कुमारभद्रासन -कार्तिक कुमार
भद्रासन भद्रासन में बैठो प्यारे, दोनों तलवे साथ मिलाओ। घुटनों को बाहर फैलाकर, रीढ़ सीधी रख दिखलाओ। धीरे-धीरे श्वास चलाओ,[...]
जीवन और मृत्यु – गिरींद्र मोहन झाजीवन और मृत्यु – गिरींद्र मोहन झा
जीवन और मृत्यु जीवन जीवन ही होता है, जीवन का ध्येय भी जीवन होता है, जन्म-मृत्यु के है जीवन कर्म-प्रधान,[...]
विश्व ब्राह्मण दिवस -. गिरींद्र मोहन झाविश्व ब्राह्मण दिवस -. गिरींद्र मोहन झा
विश्व ब्राह्मण दिवस गायत्री-जप, सन्ध्या-वन्दन है परम कर्त्तव्य तुम्हारा, निरंतर सीखना, उसे योग्य लोगों में बांटना है कर्म तुम्हारा, धर्म[...]
पुरवाई आई,गर्मी घबराई रामपाल प्रसाद सिंहपुरवाई आई,गर्मी घबराई रामपाल प्रसाद सिंह
शीर्षक:- पुरवाई आई,गर्मी घबराई। पछुआ पवन पाँव,रौंद दिया गाँव-गाँव, बढ़ गया काँव-काँव ,चैन नहीं छाँव में । प्रभु ने लिखा[...]
दो जून की रोटियां – मनु कुमारीदो जून की रोटियां – मनु कुमारी
दो जून की रोटियां यूं हीं नहीं मिलती दो जून की रोटियां, पूछो उन गरीबों से, लाचारों से और जरूरतमंदों[...]
