रिश्तों में है एक निराला, दोस्त हमारा। संग हमेशा जिसका मुझको, लगता प्यारा।। जिससे करते हम अपनी है, बातें सारी।[...]
नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा-राम किशोर पाठकनित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा-राम किशोर पाठक
सर्व श्रेष्ठ वह भक्ति लहेगा। नित्य राष्ट्र-हित रक्त बहेगा। शौर्य बोध अब गौन नहीं हो। वीर-धीर तुम मौन नहीं हो।।[...]
मित्रता-आशीष अम्बरमित्रता-आशीष अम्बर
मित्रता है प्रकृति की अनमोल उपहार, पूरे जग ने भी किया है इसे स्वीकार । है यह सब रिश्तों से[...]
तारे-रत्ना प्रिया तारे-रत्ना प्रिया
आसमां में कितने तारे , तारे कितने सारे , टिमटिमाकर हमें जगाते , जुग्नू लगते प्यारे । सप्तऋषियों का समूह[...]
दोस्ती-रूचिकादोस्ती-रूचिका
दोस्ती नही कभी आजमायी जाती, ये तो बस आपस में निभाई जाती। ऊंच नीच का फर्क नही है दोस्ती में[...]
मित्र-रूचिकामित्र-रूचिका
दवा,दुआ,इल्तिज़ा में उठे जिसका हाथ है, वह मित्र है जो जुदा होकर भी साथ है। जो मन की भित्ति को[...]
राधा होने की शर्त- उमेश कुमार सिन्हाराधा होने की शर्त- उमेश कुमार सिन्हा
कान्हा बोले— “मेरी राधा सदा सुखी रहे, जग चाहे जो कुछ कहे। दुनिया की बातों की मुझको परवाह नहीं, बस[...]
पावस आया-ब्यूटी कुमारीपावस आया-ब्यूटी कुमारी
अंबर में जलधर, अवनी पर पावस आया। बह रहा शीतल समीर, कॉप रही है काया। पयोधर की गर्जना, दामिनी का[...]
गुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठकगुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक
गुरु पद वंदन- सारवती छंद वर्णिक – राम किशोर पाठक २११-२११-२११-२ वेद पुराण सभी कहते। ज्ञान प्रकाश वही गहते।। जो[...]
गुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठकगुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठक
गुरु- दोहा मुक्तक – राम किशोर पाठक ज्ञान चक्षु जो खोलते, हरे तमस मन ताप। कर प्रशस्त पथ शिष्य का,[...]
