स्वरचित एवं मौलिक रचना रचनाकार – योगेश कुमार पाण्डेय उ० मा० वि०, तुमकड़िया, बैरिया 8851142751 1. “दिल मोरा घबराए[...]
जग कैसे सुख पाए रामकिशोर पाठकजग कैसे सुख पाए रामकिशोर पाठक
जग कैसे सुख पाए- सार छंद गीत हाहाकार मचा है जग में, कौन किसे समझाए। युद्ध थमेगा अगर नहीं तो,[...]
किताबों की दुनिया संजय कुमारकिताबों की दुनिया संजय कुमार
किताबों की दुनिया पार्ट 2 इसकी दुनिया में गाँव का सरल जीवन है जिसमें खेतीवारी और दुनियादारी है तो गाँव[...]
बालगीत : क्रिकेटबालगीत : क्रिकेट
** क्रिकेट ** आओ खेलें खेल क्रिकेट, बीच में गाड़ो तीन विकेट। आपस में दो टीम बनाकर, फील्डिंग कर लो[...]
पढ़ेगा कौनपढ़ेगा कौन
पढ़ेगा कौन दीदी… पढ़ेगा कौन? दीदी… पढ़ेगा कौन? दीदी नहीं पढ़ेगी तो, मुझको…पढ़ाएगा कौन? दीदी… पढ़ेगा कौन? दीदी…[...]
होनहारहोनहार
*होनहार* विद्यालय की घंटी अब सुबह-सुबह पुकारती है, नींद भरी आँखों में भी नई राह सँवारती है। बिस्तर से उठते[...]
भीम महानभीम महान
।।भीम महान।। -ब्रजेश कुमार वर्मा- आज है 14 अप्रैल का दिन, आज का[...]
गाँव मेरागाँव मेरा
गांव मेरा भी अब मुस्कुराता नहीं ( ग़ज़ल) गांव मेरा भी अब मुस्कुराता नहीं। आह भरता मगर गुनगुनाता नहीं।। शब्द[...]
कमल नयन से राधा कहती -रामकिशोर पाठककमल नयन से राधा कहती -रामकिशोर पाठक
कमल नयन से राधा कहती- राधा रमण छंद गीत १११-१११-२२२-११२ कमल नयन से राधा कहती। निसदिन उर में पीड़ा रहती।।[...]
खेल खेल में- रुचिकाखेल खेल में- रुचिका
खेल खेल में खेल खेल में उसने सीखा जिंदगी के गुण, हार जीत में नही बदलो जीवन के धुन, स्वस्थ[...]
