हाँ मैं बिहार हूँ पर्यटनों का भरमार हूँ , इतिहासों की पुकार हूँ धर्मों का प्रयाग हूँ । माता सीता[...]
पावस है आया अभी-अभी-राम किशोर पाठकपावस है आया अभी-अभी-राम किशोर पाठक
पावस है आया अभी-अभी। है मन हर्षाया अभी-अभी।। बादल बाशिंदे यहाँ-वहाँ। हैं गिरते बूँदे यहाँ-वहाँ।। है सरि मुस्काई यहाँ-वहाँ। है[...]
शिवप्रिया नमोस्तुते।शिवप्रिया नमोस्तुते।
आद्यशक्त्या परमाद्या जगत्स्रष्टा तपस्विनी।सर्वव्यापिणी शैलसुता शिवप्रियायै नमोस्तुते।। परापरा महामायै महाशक्त्यै पद्मलोचना।दुर्गायै दुर्गतिनाशिन्यै शिवप्रियायै नमोस्तुते।। महाविद्या महामाया सर्वसौभाग्यवर्धिणी।स्थितिसंहारकारिण्यै शिवप्रियायै नमोस्तुते।। कपालकुण्डलायै[...]
हुकूमत के साथ-मनु कुमारीहुकूमत के साथ-मनु कुमारी
वक्त के इशारों पर मुड़ जाती हैं दिशाएँ भी, मौन हो जाती हैं कभी सच्ची सदाएँ भी, हुकूमत के साथ[...]
विद्यार्थी रहूँगा- गीतिकाविद्यार्थी रहूँगा- गीतिका
२१२२-२१२२-२१२२ मैं अनवरत एक शिक्षार्थी रहूँगा।कर्म में तल्लीन पुरुषार्थी रहूँगा।। वक्त ही सबको सिखाता है यहाँ पर।वक्त का मैं खास[...]
श्रीराम शरणं प्रपद्येश्रीराम शरणं प्रपद्ये
कौशल्यासुतं राजीवलोचनं आजानुबाहु हरिम्।सौम्याय धीराय श्रीराम शरणं प्रपद्ये।। कुलभूषणाय पुरुषोत्तमाय रघुनंदनंदन नंदिताय।नित्याय शुद्धाय शिवप्रियाय श्रीराम शरणं प्रपद्ये।। मनोहरं मुखारविंद हस्ते[...]
लक्ष्य-रत्ना प्रियालक्ष्य-रत्ना प्रिया
लक्ष्य न हो आँखों से ओझल, साहस हम दिखलाएँगे । उठते, गिरते और सँभलते, यूँ ही चलते जाएँगें । चरैवेति[...]
बादल-राम किशोर पाठक बादल-राम किशोर पाठक
बदन ताप से मैं व्याकुल हूँ। उनके दर्शन को आकुल हूँ।। दर्श बिना हो जाऊँ पागल। क्या सखि! साजन? न[...]
किस कारण तुम हो चुप रहते-राम किशोर पाठक किस कारण तुम हो चुप रहते-राम किशोर पाठक
कुछ तो तुम मुझसे अब कहते। किस कारण तुम हो चुप रहते।। मन आज विकल हो धधक रहा। तुम दूर[...]
पिता-रूचिकापिता-रूचिका
उम्र के पायदान दर पायदान चढ़ते पिता पहले से थोड़ा अधिक सुस्ताते हैं मगर जिद पर अड़े हुए वह उम्र[...]
