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सूरज बाबा ने हद कर दी
सुबह सवेरे आते जल्दी।
सूनी सूनी सड़कें गलियाँ
दुबके बैठे बच्चे घर जी।
आंख मींचते आ जाते हैं
बिन पहने ही अपनी वर्दी।
गरमी दिखलाती है तेवर
दमभर करती है मनमर्जी।
टप टप टपके खूब पसीना
हाथ हिलाते बिजली चल दी।
हाल बुरा है अब गरमी से
रहम करो कुछ राहत दो जी।
नन्हीं मुनिया मां से कहती
अम्मा चल नानी घर जल्दी।
मीरा सिंह “मीरा”
+२ महारानी उषारानी बालिका उच्च विद्यालय डुमराँव, जिला-बक्सर, बिहार

