आपका ब्राउज़र Text-to-Speech सपोर्ट नहीं करता।
जोड़ें नाता योग से
मनहरण घनाक्षरी छंद
स्वस्थ रहने के लिए,
चैन से जीने के लिए,
जीवन में सभी लोग, जोड़ें नाता योग से।
ऋषियों का है कहना,
निरोगी जो है रहना,
रोज कसरत करें, दूर होंगे रोग से।
अपनाएंँ शाकाहार,
शुद्ध सात्विक आहार,
प्राणायाम व व्यायाम, ध्यान के प्रयोग से।
महत्व जो है जानता,
वही है इसे मानता,
योग दिवस वर्ष में, आता है संयोग से।
जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
म.वि. बख्तियारपुर, पटना

