पद्यपंकज Manorajak,sandeshparak,बाल कविता मेरे प्रश्नों के उत्तर- अवनीश कुमार

मेरे प्रश्नों के उत्तर- अवनीश कुमार


Awanish Kumar Avi

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अम्मा तुम तो कहती
है चाँद पर एक बुढ़िया
जो है चरखा चलाती
पर मुझे अम्मा क्यों ऐसा लगता
चाँद पर बैठी बुढ़िया
है ढोलक बजाती

अम्मा तुम तो कहती 
है चाँद आसमान मे चलता
पर अम्मा मुझे क्यों ऐसा लगता
ज़ब भी मै निकलूं घर से
है चाँद मेरा पीछा करता

अम्मा तुम तो कहती
छुप्पन छुपाई केवल छोटे बच्चे खेलते
पर मुझे क्यों ऐसा लगता अम्मा
बादल भैया सूरज चाचू,चंदा मामू भी हम जैसे आँख मिचौली करते

अम्मा तुम तो कहती
धरती चलती, तारे चलते और चाँद भी चलता
पर अम्मा, मुझे क्यों नहीं नजर आता ?
सभी चलते चलते
अम्मा कैसे बात मै मानू तेरी
तू जो कहती
मै जो देखता……..
इसमें है भ्रम ढेर सारे
लेकिन .
शायद बड़ा होने पर अम्मा
मिल जाए मेरे प्रश्नों के उत्तर सारे
मिल जाए मेरे प्रश्नों के उत्तर सारे

अवनीश कुमार
व्याख्याता
प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय विष्णुपुर, बेगूसराय

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