खामोशी भी कुछ कहती है चाहे कोई मुँह से बोलकर नहीं कहे , लेकिन ये आँखें बहुत कुछ कह देती[...]
Day: October 6, 2022
गीत -सुधीर कुमारगीत -सुधीर कुमार
याद आती है बहुत ही गाँव की । धान गेहूँ की फसल का झूमना । पेड़ को हरदम लता का[...]
वर्षा की बूंदे – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’वर्षा की बूंदे – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण बाल घनाक्षरी “””””””””””””””””””””””” टप – टप गिरे ऐसे, लगता है मोती जैसे, नभ से वर्षा की बूंदे रिमझिम बरसे।[...]
