वह प्रेम है ही नहीं जिसका उद्देश्य शरीर को पाना है। हर युग में प्रेम का मतलब राधा-कृष्ण बन जाना[...]
Day: November 26, 2022
हमारा संविधान- मो.मंजूर आलमहमारा संविधान- मो.मंजूर आलम
दिया है हक हमें लड़ने का बढ़ने का डटने का स्वप्न देखने का बोलने का समता का मर्ज़ी से पूजन[...]
माँ-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’माँ-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
सभी देवियों से बढ़कर माँ ऊंचा है तेरा दर्जा, नहीं उतार पाऊंगा कभी जीवन भर मैं तेरा कर्जा। पहली बार[...]
राष्ट्रभक्ति – अमरनाथ त्रिवेदीराष्ट्रभक्ति – अमरनाथ त्रिवेदी
राष्ट्रभावना की प्रबल ज्वाल में , नवगीत नित्य गाता हूँ । स्वप्नों में दिव्य चिनगारी है वह , जिसे रोज[...]
अकड़म बकड़म – सुधीर कुमारअकड़म बकड़म – सुधीर कुमार
अकड़म बकड़म छंद — पद्धरि मात्रा — १६ अंत – जगण बच्चे सब पूछें यह सवाल । सूरज क्यो होता[...]
