छंद:-मनहरण घनाक्षरी ‘रवि’ सारे छोड़ काम, थोड़ी देर राम – राम, खाट छोड़ उठ जाएं, सूरज से पहले। शक्कर की[...]
Day: December 11, 2022
तस्वीर-जयकृष्णा पासवानतस्वीर-जयकृष्णा पासवान
🌹🌹 तस्वीर 🌹🌹 फटी हुई दिवारों पर , एक लकीर बनाई है। कोरे कागज़ पर किस्मत की , एक तस्वीर[...]
प्रेम-अमरनाथ त्रिवेदीप्रेम-अमरनाथ त्रिवेदी
प्रेम प्रेम से बड़े न दूजो आन । प्रेम से बड़े न दूजो आन ।। प्रेम जहाँ फलता – फूलता[...]
अलख जगाएँ-मीरा सिंहअलख जगाएँ-मीरा सिंह
अलख जगाएँ सोच समझकर कदम बढ़ाएँ इस दुनिया में नाम कमाएँ। जीवन धन अनमोल मिला है इस जीवन का मान[...]
शीत-एस.के.पूनमशीत-एस.के.पूनम
छंद:-मनहरण घनाक्षरी “शीत” सघन है काली रात,रौशनी है थोड़ी-थोड़ी, बंद हुआ घर-द्वार,जाड़े का आलम है। सूर्य ढ़का तुहिन से,घूप थोड़ा[...]
