अखण्ड भारत का अलख जगाए सुस्मित हर्षित होते रहे। काँटों भरी सत्ता के गठबन्धन में सुवासित बढते रहे। ‘सत्ता के[...]
Day: December 25, 2022
कर्म -वाणी-अमरनाथ त्रिवेदीकर्म -वाणी-अमरनाथ त्रिवेदी
जिस ओर हम पग धरें , सुकर्म सम्मत नीति से । फिर हार हो सकती नही , चाहे कोई भी[...]
सच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदीसच्चा पुरुषार्थ-अमरनाथ त्रिवेदी
है पुरुष वही सच्चा जिसमे , पुरुषार्थ भरा हो तन – मन मे । जीवन जीता हो परहित में ,[...]
जय माँ सरस्वती-सुधीर कुमारजय माँ सरस्वती-सुधीर कुमार
मनहरण घनाक्षरी वर्ण — ८ ,८ ,८ ,७ अंत – लघु , दीर्घ वीणा पाणि मात मेरी , दया मिले[...]
