Day: April 11, 2024

Jainendra Prasad Ravi

जलहरण घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद “रवि’जलहरण घनाक्षरी छंद – जैनेन्द्र प्रसाद “रवि’

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प्रभाती पुष्प जलहरण घनाक्षरी छंद हमेशा मगन रहें ईष्ट का भजन करें, वृथा नहीं नष्ट करें, समय को पल भर।[...]

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Jainendra Prasad Ravi

प्रेम उपहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्रेम उपहार – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

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प्रेम उपहार बाल भावना को स्पर्श करती रचना (मनहरण घनाक्षरी छंद में) नाजुक- कोमल कली, बागानों में जैसे माली, करे[...]

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