हम सुंदर भविष्य बनाएँ जहाँ कहीं भी सीख अच्छे मिलते हों , उसे जरूर अपनाएँ । अपने भारत देश को[...]
Day: July 8, 2025
सहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका – राम किशोर पाठकसहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका – राम किशोर पाठक
सहज धरा को स्वर्ग बनाएँ – अंजनेय छंद गीतिका आओ मिलकर देश सजाएँ। जन-मानस को पाठ पढाएँ।। सभी भेद का[...]
बच्चों को निपुण बनाएंँगे हम- नीतू रानीबच्चों को निपुण बनाएंँगे हम- नीतू रानी
बच्चों को निपुण बनाएंँगे हम। बच्चा को निपुण बनाएंँगे हम, बदलेंगे जमाना, बच्चा को ——–२। बच्चा हमारा कल का भविष्य[...]
शिक्षा है अधिकार हमारा – गीतिका – राम किशोर पाठकशिक्षा है अधिकार हमारा – गीतिका – राम किशोर पाठक
शिक्षा है अधिकार हमारा – गीतिका शिक्षा है अधिकार हमारा। इससे बनता जीवन प्यारा।। नित्य हमें विद्यालय जाना। गुरुवर देते[...]
तू हीं जग के मालिक – अमरनाथ त्रिवेदीतू हीं जग के मालिक – अमरनाथ त्रिवेदी
तू ही जग के मालिक तू ही जग के नैया , तुम्हीं हो खेवैया । तुम्हीं जग के मालिक ,[...]
विवेकानंद – अहीर छंद – राम किशोर पाठकविवेकानंद – अहीर छंद – राम किशोर पाठक
विवेकानंद – अहीर छंद मानव का निज धर्म । किए सदा शुचि कर्म।। लिए अलौकिक ज्ञान। दिए अलग पहचान।। अद्भुत[...]
वर्षा और जन-जीवन – अमरनाथ त्रिवेदीवर्षा और जन-जीवन – अमरनाथ त्रिवेदी
वर्षा और जनजीवन वर्षा ही देती हम सबकी पहचान । इसके बगैर निकल रही सबकी जान ।। बिन वर्षा के[...]
वर्षा और जीवन – अंजनेय छंद – राम किशोर पाठकवर्षा और जीवन – अंजनेय छंद – राम किशोर पाठक
वर्षा और जीवन – अंजनेय छंद धूम मचाकर बरसा आती। नभ में अपनी नाच दिखाती।। भिन्न-भिन्न वह वेश बनाती। अवनी[...]
बरसात – रुचिकाबरसात – रुचिका
बरसात लो आ गयी बरसात, बदल गए हालात, गर्मी से राहत मिले, बदल गए जज़्बात। धरा की मिट गयी प्यास,[...]
वर्षा और जीवन- अमरनाथ त्रिवेदीवर्षा और जीवन- अमरनाथ त्रिवेदी
वर्षा और जीवन वर्षा पर ही जीवन की , गतिविधि सारी चलती है । इसके बिना धरती भी , तवा [...]
