काशक फुलधरती पर जब सरदक पइैन झरिक गेल,हवा हलर-हलर बहि रहल,ओकर संग गामक गाछ-बिरिछ झूमि-झूमि उठल,तखन हरियर खेतक बीच सँसफेद[...]
Day: September 30, 2025
गुलाब की कामना – अवधेश कुमारगुलाब की कामना – अवधेश कुमार
ये गुलाब समर्पित हैं उन्हें,जिनसे हमने सच्चा प्रेम किया है —निश्छल, अनवरत, बंधनहीन प्रेम। जैसे ही उनकी याद आती है,चेहरे[...]
एक बाल मन की कमेंट्री – अवधेश कुमारएक बाल मन की कमेंट्री – अवधेश कुमार
ग्राउंड में जब आई धूम,एशिया कप का था फाइनल बूम बूम।पाकिस्तान आया बड़े जिगरी मिजाज में,सोचा, जीतेंगे हम, छक्के-छक्के बाज़ार[...]
महाष्टमी में खोइछा का महत्व – अवधेश कुमारमहाष्टमी में खोइछा का महत्व – अवधेश कुमार
खोइछा में संजोया शुभ आशीष,माँ के चरणों का अनमोल वचन। धान, दूब, हल्दी, सुपारी के संग,बन जाती जीवन में खुशियों[...]
प्रायोगिक विज्ञान – अवधेश कुमारप्रायोगिक विज्ञान – अवधेश कुमार
प्रायोगिक विज्ञान किताबों और सैद्धान्तिक कक्षाओं से मन जब ऊब जाता हैतब प्रयोगशाला में मन लगता है।टेस्ट-ट्यूब में रंग बदलते[...]
विद्यालय का परीक्षा मेला- अवधेश कुमारविद्यालय का परीक्षा मेला- अवधेश कुमार
माध्यमिक अर्धवार्षिक परीक्षा 2025स्कूल में आज लगा है मेला,परीक्षा देने आये कुछ नए छात्र अलबेला।कॉरिडोर में भीड़ लगी है कैसी,पेपर[...]
कन्या वंदन – राम किशोर पाठककन्या वंदन – राम किशोर पाठक
माता घर-घर में आती है, धर कन्या का रूप।पाठ पढ़ाती शक्ति बोध का, उसके हर स्वरूप।।शैलसुता सी किलकारी दे, घर[...]
द्विज के गुण – राम किशोर पाठकद्विज के गुण – राम किशोर पाठक
द्विज एक रूप दिव्य जगत में। ज्ञान धर्म कर्म श्रेष्ठ सतत में।। तेज सूर्य का सहन है करता। विष्णु वक्ष[...]
माता की आराधना – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’माता की आराधना – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
दुर्गा मांँ के मंदिर में, जलता अखंड ज्योति, आओ सब मिल करें, माता की आराधना। नैवेद्य कर्पूर धूप, चंदन अक्षत[...]
