Day: October 4, 2025

बातों के ज़ख्म घर कर जाते हैं- मनु कुमारीबातों के ज़ख्म घर कर जाते हैं- मनु कुमारी

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बातों के ज़ख्म घर कर जाते हैं चोट के ज़ख्म तो भर जाते हैं, बातों के ज़ख्म घर कर जाते[...]

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Ram Kishor Pathak

उत्पाती वर्षा – राम किशोर पाठकउत्पाती वर्षा – राम किशोर पाठक

0 Comments 2:51 pm

उत्पाती वर्षा वर्षा रानी क्रुद्ध हो, करती है उत्पात।इंद्र साथ भी दे रहे, कर भीषण वज्रपात।। बाहर खतरा है घना,[...]

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Ram Kishor Pathak

गणपति वंदना – राम किशोर पाठकगणपति वंदना – राम किशोर पाठक

0 Comments 10:08 am

महामंगला छंद हे गणपति गजवदन, तुम्हें नवाऊँ शीश। देव पूज्य तुम प्रथम, कृपा करो जगदीश।। गिरिजा नंदन नमन, तुमको बारंबार।[...]

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