Day: November 12, 2025

Ram Kishore Pathak

शोर मचा – राम किशोर पाठकशोर मचा – राम किशोर पाठक

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शोर मचा- वासुदेव छंद गीत सुरभित है सब, कली-कली।शोर मचा अब, गली-गली।। आया मौसम, सर्दी का।पीते हैं पय, हल्दी का।।सर्द[...]

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Ram Kishore Pathak

छंदों को भी गढ़ना चाहूंँ – राम किशोर पाठकछंदों को भी गढ़ना चाहूंँ – राम किशोर पाठक

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छंदों को भी गढ़ना चाहूँ- गीत गीत गजल मैं पढ़ना चाहूँ।छंदों को भी गढ़ना चाहूँ।। पर मुझको कुछ ज्ञान नहीं[...]

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ashish amber

ये तो प्यारे बच्चे हैं – आशीष अंबरये तो प्यारे बच्चे हैं – आशीष अंबर

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ये तो प्यारे बच्चें है,मन के बड़े ही सच्चें है । ये बच्चें है देश की शान,चाचा नेहरु का यही[...]

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गुणगुणी धूप – जैनेन्द्र प्रसाद रविगुणगुणी धूप – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 2:20 pm

गुण गुणी धूपमनहरण घनाक्षरी छंद सूरज निकलने कारहता है इंतजार,सुबह की धूप हमें, लगती तो प्यारी है। दूर तक दिखती[...]

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