दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम। कुसुमाकर है दौड़ा आया, बैठे हम अपना चित थाम। रंग-गुलाल हवा है[...]
Day: February 19, 2026
भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
भाग गया है शीत,निकल कर देखो। बाहर किरणें प्रीत,निकल कर देखो।। जो था कल तक ठोस,पिघलते देखो। बूॅंदें अटकीं ढीठ,[...]
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हे नारी, तू नारायणी है, डर मत तू झाँसी की रानी है, डट कर सामना कर, मनुष्य रुपी दानवों का[...]
आया बसंत आया बसंतआया बसंत आया बसंत
आया बसंत आया बसंत आया बसंत आया बसंत सबके मन को भाया बसंत दादूर मोर पपीहा[...]
ऋतुराज के आगमन परऋतुराज के आगमन पर
ऋतुराज के आगमन पर निकल उठीं हैं दिवा-रश्मियां नव प्रभात, नव यौवन मन छाया है, स्वागत के लिए कूक[...]
एक दिन का सम्मान या हमेशा?एक दिन का सम्मान या हमेशा?
“एक दिन का सम्मान या हमेशा?” “मैं शिक्षक हूँ — और यह मेरी कहानी है” मैं शिक्षक हूँ… हाँ, वही[...]
