Day: February 19, 2026

Ram Kishore Pathak

पैगाम – राम किशोर पाठकपैगाम – राम किशोर पाठक

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दीवानों का हाल सुनाने, संग लिए अपने पैगाम। कुसुमाकर है दौड़ा आया, बैठे हम अपना चित थाम। रंग-गुलाल हवा है[...]

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RAMPAL SINGH ANJAN

भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’भरे हुए भंडार समय पर लूटो-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’

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भाग गया है शीत,निकल कर देखो। बाहर किरणें प्रीत,निकल कर देखो।। जो था कल तक ठोस,पिघलते देखो। बूॅंदें अटकीं ढीठ,[...]

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एक दिन का सम्मान या हमेशा?एक दिन का सम्मान या हमेशा?

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“एक दिन का सम्मान या हमेशा?” “मैं शिक्षक हूँ — और यह मेरी कहानी है” मैं शिक्षक हूँ… हाँ, वही[...]

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