उसके आते नर्तन करती। मन में नव भावों को गढ़ती।। बहकाए वह मेरी बोली। क्या सखि? साजन! न सखी! होली।।०१।।[...]
Day: March 10, 2026
महिला सशक्तिकरण-राम किशोर पाठकमहिला सशक्तिकरण-राम किशोर पाठक
नारी के सम्मान की, आज लगी है होड़। पुरुष बिचारा कर रहा, घर-बाहर कर-जोड़।। घर-बाहर कर-जोड़, करे दिल को समझाए।[...]
