विवाद का परिणाम – जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

एक बिल्ली ने रोटी पाई दूसरे ने भी आँख गड़ाई, इतने पर दोनों आपस में करने लगे छीना- झपटी। एक ने कहा मैंने देखी ज्यादा नहीं बघारो शेखी, बिना कमाए…

बेटी की विदाई – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

चहुंँओर खुशी छाई,बज रही शहनाई, परिजन नाच रहे, खुशी का है अवसर। विवाह के बाद जब, विदाई की आई घड़ी, सखियों के आँसू गिरे,अंँखियों से झर-झर। पूछ रही रोती-रोती, बेटी…

सौंदर्य. – मनु कुमारी

स्त्री का सौन्दर्य ना तो टीका पहनने से है, ना बिंदी, नथिया,कंगन, चूड़ी पायल पहनने से। लिपिस्टिक,काजल ,गजरा, झूमका, कमरबंद, बिछिया, हीरे मोतियों से जड़ी साड़ियों से नहीं । उसका…

संघर्षों का आगाज करो – कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

व्यर्थ की बातों में उलझकर, मत वक्त अपना बर्बाद करो। इक-इक पल है कीमती जानो, स्वयं से तुम संवाद करो।। करना है जो लक्ष्य सिद्धि तो, हाथ पर हाथ धरे…

सीता जन्म – नीतू रानी

विषय -सीता जन्म शीर्षक -सीता जी जन्म लेल रे। सीता धन्य हमर मिथिला धाम से धन्य गाँव जनकपुर रे , ललना रे धन्य माता सुनैना पिता जनक ऋषि जिनकर घर…

संकल्प- संजय कुमार

हम भी आगे आएं,आप भी आगे आएं बाल विवाह उन्मूलन हेतु,अपने कदम बढ़ाएं। कमउम्र में विवाह के,दुष्परिणाम सबों को बताएं, गाँव,शहर में हर नागरिक को,हम जागरूक बनाएं। समस्या उत्पन्न न…

खुदा मेहरबान – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

विद्या;- मनहरण घनाक्षरी छंद ऊँचे ओहदेदारों की, हो जाता गुनाह माफ, गरीबों की गुस्ताखी पर, मच जाता शोर है। पद के रसूखदार, तोड़ते कानून रोज, बलवानोंअमीरों पे, चलता न जोर…

अच्छा लगूंगा – अवनीश कुमार

मै अच्छा लगूंगा ही नहीं अच्छा दिखूंगा भी सही मै अच्छा लगूंगा ही नहीं अच्छा दिखूंगा भी सही मेरी कमियों को किनारे रख देख तो सही मेरी खूबियों को खूबसूरती…