Category: padyapankaj

Through Padyapankaj, Teachers Of Bihar give you the chance to read and understand the poems and padya of Hindi literature. In addition, you can appreciate different tastes of poetry, including veer, Prem, Raudra, Karuna, etc.

Umesh kumar sinha

संघर्ष में ही आनंद – उमेश कुमार सिन्हा संघर्ष में ही आनंद – उमेश कुमार सिन्हा 

0 Comments 8:10 pm

संघर्ष में ही आनंद – उमेश कुमार सिन्हा  हाथ में लेखनी, दिल में संस्कारों के अरमा, यही है हमारे जीवन[...]

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Purushottam Kumar

प्रकृति के प्रागंण में – पुरुषोत्तम कुमारप्रकृति के प्रागंण में – पुरुषोत्तम कुमार

0 Comments 8:04 pm

प्रकृति के प्रागंण में – पुरुषोत्तम कुमार प्रकृति के प्रागंण में अलौकिक आनंद है इस आंगन में, प्रकृति के प्रागंण[...]

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चाँदनी का कशिश – रिंजु कुमारीचाँदनी का कशिश – रिंजु कुमारी

0 Comments 9:20 pm

चाँदनी का कशिश – रिंजु कुमारी   चाँद की चाँदनी में न जाने कैसा कशिश होता है, इसे गौर से[...]

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Kartik Kumar

खेल से खिलता है भारत का भविष्य – कार्तिक कुमारखेल से खिलता है भारत का भविष्य – कार्तिक कुमार

0 Comments 9:03 pm

खेल से खिलता है भारत का भविष्य – कार्तिक कुमार   विद्यालय खेलकूद एवं खेल सामग्री पर ओजस्वी कविता  [...]

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Kartik Kumar

दुखी माता-पिता – कार्तिक कुमारदुखी माता-पिता – कार्तिक कुमार

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दुखी माता-पिता – कार्तिक कुमार   जिस आँगन में माँ की लोरी, पिता का आशीर्वाद रहा, जिस घर में बेटे[...]

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प्रकृति की रक्षा (सच्ची साधना) – रिंजु कुमारी,प्रकृति की रक्षा (सच्ची साधना) – रिंजु कुमारी,

0 Comments 7:23 pm

प्रकृति की रक्षा (सच्ची साधना) – रिंजु कुमारी   प्रकृति ही मेरा ईश्वर, अल्लाह, मेरा संसार है, इसके कण-कण में[...]

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प्रकृति की पूजा ही सच्ची आराधना है – रिंजू कुमारीप्रकृति की पूजा ही सच्ची आराधना है – रिंजू कुमारी

0 Comments 7:17 pm

प्रकृति की पूजा ही सच्ची आराधना है – रिंजू कुमारी कर्म ही सबसे बड़ी पूजा, यही जीवन की साधना है। फूल-पत्तों[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

अंतर्यात्रा’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरअंतर्यात्रा’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:11 pm

अंतर्यात्रा’ – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर   शांत चित्त, मौन मन, जब परम सत्य में खोता है, द्वैत भाव का अंत[...]

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Dharmendra Kumar Thakur

सागर का संदेश – धर्मेंद्र कुमार ठाकुरसागर का संदेश – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर

0 Comments 7:03 pm

सागर का संदेश – धर्मेंद्र कुमार ठाकुर अथाह मन का मीत यहाँ पर, यह जग सारा खारा है, सीने में[...]

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