पद्यपंकज Uncategorized नीला आसमान – आशीष अम्बर

नीला आसमान – आशीष अम्बर



कविता
शीर्षक :- नीला आसमान

देखो , कितना प्यारा लगता,
नीला – नीला आसमान ।
चमचम चमकें चाँद – सितारे,
इसमें रहते सब भगवान ।

सुबह से लेकर शाम घूमते ,
चीं – चीं – चीं करते पाँखी ।
नभ की काया अब तक किसी ने,
नहीं है परखी -जाँची ।

सुबह सूर्य को, रात चाँद को,
पूजे धरती के इंसान ।
पल – पल अपना रूप बदलता,
स्वर्ग सा सुंदर आसमान ।

नौ ग्रहों के घा सँभालता ,
लंबा – चौड़ा आसमान ।
सतरंगी इन्द्रधनुष को दिखाता,
यह प्यारा – सुन्दर आसमान ।

इसमें रहकर काले बादल,
सावन में जल बरसाते ।
धूप सुनहरी , श्वेत चाँदनी ,
अपना आँचल फहराते ।

आशीष अम्बर
( विशिष्ट शिक्षक)
उत्क्रमित मध्य विद्यालय धनुषी
प्रखंड – केवटी
जिला – दरभंगा
बिहार

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