गुस्सा…. हर किसी को है आता , यह स्वाभाविक भी है- लेकिन क्या आपको है पता ? यदि आप गुस्सा प्रकट नहीं करते, तो खतरे से हैं खेलते! जी हां,…
Author: Anupama Priyadarshini
फुर्सत में बस्ता -रंजीता शर्मा
मटक मटक कर बस्ता आया आज खुशी से गुड़िया संग घर पर आया तनकर बोला स्कूल मे आया नया उमंग शनिवार को नही करेगा बोझ तुम्हें बस्ते का तंग बिन…
बाल दिवस- नवाब मंजूर
नेहरू जी का जन्म दिवस बना बाल दिवस! था उन्हें बच्चों से स्नेह और प्यार लुटाते थे उन पर करूणा अपार उनसे मिलना बातें करना उन्हें भाता था यदाकदा गोद…
नटखट बचपन के दिन-अपराजिता कुमारी
बेफिक्री, बेपरवाहीयों के वे दिन चंचलता, शैतानीयों, शरारतों डांट डपट झिड़कियों उलाहनों उटपटांग हरकतों से भरे दिन ढेरों मिठी मिठास से भरे तीखी, खट्टी, चटपटी, चुलबुली कभी मखमली कभी कड़वी…
कुदरत का कहर- जय कृष्णा पासवान
कुदरत किया कहर वर्षाया, प्रकृति संपदा बचाने को । “स्वच्छ मन पावन रिश्ता” निर्मल गंगा बहाने को ।। पाप की पुंजी भर गया, मानवता केअस्तित्व मिटाने को । “हवा का…
बालदिवस -दीपा वर्मा
चाचा नेहरू का जन्मदिन आया, संग अपने बालदिवस लाया। चाचा को था बच्चों से प्यार, खूब बांटते थे प्यार-दुलार। पंडित जवाहरलाल से चाचा नेहरू कहलाए। बड़े-बच्चे सबके मन भाए। पहले…
नेहरू चाचा के राज दुलारे- मीरा सिंह “मीरा”
हम भारत के बच्चे प्यारे चाचा नेहरु के राज दुलारे । भोले भाले मन के सच्चे हम सबकी आंखों के तारे।। मीठी मीठी बात करे हम सारे जग की पीड़…
बैगलेस हुआ शनिवार -नवाब मंजूर
प्रत्येक शनिवार को अब से हम बिन बस्ते के स्कूल आएंगे फिर भी ज्ञान भरपूर पाएंगे मस्ती मस्ती में ही बहुत कुछ सीख जाएंगे! गिनती पहाड़ा एबीसीडी नई नई गतिविधि…
चाचा नेहरु -नीतू रानी
आज है 14 नवंबर का दिन आज का दिन है बड़ा महान, आज हीं जन्म लिए नेहरू जी सदा रहेगा इनका नाम। 14 नवंबर 1889 ब्रिटिश भारत इलाहाबाद में इनका…
काश वो बचपन लौट आए -संजय कुमार
काश,वो बचपन लौट आये, वो बचपन की भोली शरारत। वो बादलों को छूने की चाहत, तितलियों के पीछे भागना सपनों की दुनिया में जागना। वो नन्ही परियों की कहानी। अपनी…