Author: Anupama Priyadarshini

sanjay kumar DEO

विज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमारविज्ञापन अंतिम संस्कार का- संजय कुमार

0 Comments 8:25 pm

ऐड देख कर खुश मैं होऊँ या आँखें भर भर मैं रोऊँ। खोया जिसके लिए था सब कुछ हुआ वही[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Vikas kumar

दहलीज में सिमटी जिंदगी का सबक- विकास कुमारदहलीज में सिमटी जिंदगी का सबक- विकास कुमार

0 Comments 8:58 pm

भीड़ भरी इस दुनिया में कूप सन्नाटा पसरा है। जब हवा ही कातिल हुई, फिर किस सांस का आसरा है।।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Devkant

प्यारा गाँव- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’प्यारा गाँव- देव कांत मिश्र ‘दिव्य’

0 Comments 8:30 pm

सबसे प्यारा गाँव हमारा, अद्भुत सुंदर न्यारा है। चलो तुम्हें हम आज दिखाएँ, उर का भाव हमारा है।। होती अनुपम[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Kanchan

गंगा अब मैली नहीं- कंचन प्रभागंगा अब मैली नहीं- कंचन प्रभा

0 Comments 8:28 pm

सुनाई देती है वही सुरीले पंछी की चहचहाहट फिर से है हवाओं में शीतल सी वही गीतों की गुनगुनाहट फिर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Amarnath Trivedi

ज्ञान के आलोक में -अमरनाथ त्रिवेदीज्ञान के आलोक में -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:09 pm

ज्ञान के आलोक में , अज्ञानता को छोड़ दो । जलन की ; हठधर्मिता की , सारे बंधन तोड़ दो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

शरद्ऋतु- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’शरद्ऋतु- जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 8:06 pm

सूरज दादा शांत पड़े हैं जाड़े ऋतु से डरकर, सीना तान खड़ा हुआ शरद्ऋतु जब तनकर। चाय-कॉफी सबका मन भाए,[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें