Author: Anupama Priyadarshini

Meera Singh

मामा चले ससुराल -मीरा सिंह “मीरा”मामा चले ससुराल -मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 7:35 pm

बंदर मामा चले ससुराल पहनकर सिर पर टोपी लाल। है उनके साले की शादी मामा पहने कुरता खादी।। साथ चली[...]

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sanjay kumar DEO

हमें नहीं अब युद्ध चाहिए- संजय कुमारहमें नहीं अब युद्ध चाहिए- संजय कुमार

0 Comments 8:22 pm

हमे नहीं अब युद्ध चाहिए, नहीं हमे अब युद्ध चाहिए, संघर्ष नहीं विराम चाहिए। सत्य अहिंसा विश्व बंधुता करुणा मित्र[...]

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Amarnath Trivedi

पुरुष व्यथा -अमरनाथ त्रिवेदीपुरुष व्यथा -अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:18 pm

हैं पुरुष विवश कैसे होते ? जैसे मकड़ा स्वनिर्मित जाल में । मानव का यह आधा हिस्सा , पड़ जाता[...]

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chanchla Tiwari

आने वाला कल -चंचला तिवारीआने वाला कल -चंचला तिवारी

0 Comments 7:39 pm

कल हमको तुम ना पाओगे बताओ कैसे हमें भुलाओगे ? कैसे उलझनों को सुलझाओगे? किसपे झुंझलाहटों को बरपाओगे? कल हमको[...]

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Awanish Kumar Avi

इंसान बनके दिखलाओ -अवनीश कुमारइंसान बनके दिखलाओ -अवनीश कुमार

0 Comments 7:34 pm

हुए स्वार्थी और लोभी आज के मानव समझ नही ये बन बैठे है दानव काम ,क्रोध,मोह ,लोभ के पाश में[...]

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Jaykrishna

चुनाव – जय कृष्णा पासवानचुनाव – जय कृष्णा पासवान

0 Comments 7:30 pm

गली मोहल्ले में आज इतना शोर-गूल क्यों है। जो लोगों को कभी समझा ही नहीं।। उनमें आज विकास की होड़[...]

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Nawab

तितली प्यारी- नवाब मंजूरतितली प्यारी- नवाब मंजूर

0 Comments 7:57 pm

आ री आ री तितली प्यारी सुंदर मनहर तितली न्यारी रंग बिरंगे पंखों वाली उड़े चाल मतवाली इस डाल से[...]

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Jainendra

मनहरण घनाक्षरी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी -जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’

0 Comments 7:52 pm

प्राण संग दुनिया से कर्म धर्म साथ जाते, केवल मानव तन जलता है आग़ में। दीप संग तेल जले परवाना[...]

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ADITI

मैं एक अंतर्मुखी – अदिती भुषणमैं एक अंतर्मुखी – अदिती भुषण

0 Comments 8:24 pm

हांं‌‌‍‍, हूं मैं एक अंतर्मुखी, रहती, हूं मैं स्वयं में सिमटी, कभी हूं मैं कविता मन के तरानों की, कभी[...]

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