नशे से दूरी है जरूरी नशा नाश का जड़ है भाई इसे छोड़ने में ही है भलाई ना सेहत बिगड़े[...]
Author: Anupama Priyadarshini
मनहरण घनाक्षरी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’मनहरण घनाक्षरी-जैनेन्द्र प्रसाद ‘रवि’
पक्षियों ने पंख खोला,उड़ने से डाल डोला, सुगंधित मंद-मंद , बहता पवन है। सरसों के फूल खिले, खेत दिखे पीले-पीले,[...]
मनहरण घनाक्षरी:-“भोर”(खण्ड-1)- एस.के.पूनममनहरण घनाक्षरी:-“भोर”(खण्ड-1)- एस.के.पूनम
मनहरण घनाक्षरी:-“भोर”(खण्ड-1) भोर ने बुलाया जब,रवि दौड़ा आया तब, मिटा अंधकार सब,बुलाने में हित है। खाट छोड़ दिया तब,उजियारा हुआ[...]
जुड़ जाओ स्कूल से- अमरनाथ त्रिवेदीजुड़ जाओ स्कूल से- अमरनाथ त्रिवेदी
बैठो न बेकार कभी भी, जुड़ जाओ स्कूल से । छोड़ स्कूल तू कुछ न पाओ , न जीवन को[...]
यादें- जय कृष्णा पासवानयादें- जय कृष्णा पासवान
एक -एक सिसकियां- फिजाओं की खुशबू बांट रहे थे। पल-पल इन्तजार उस धड़ी का मानों आंखें मचल रहे थे। किया[...]
बाल कुसुम- जैनेन्द्र प्रसाद रविबाल कुसुम- जैनेन्द्र प्रसाद रवि
बागों में कोयल बोले,कौआ बैठा डाल पर, मोर भी मोहित हुआ, मोरनी की चाल पर। मछली को मीन कहें, मगर[...]
अरिल्ल छंद -सुधीर कुमारअरिल्ल छंद -सुधीर कुमार
अरिल्ल छंद मात्रा – १६ अंत – १२२ आपस में मत करो लढ़ाई । बच्चों कर लो खूब पढ़ाई ।।[...]
प्रकृति का उपहार-जयकृष्णा पासवानप्रकृति का उपहार-जयकृष्णा पासवान
प्रकृति का उपहार एक बेल है सौंदर्य ,चंदन का मून । पेट लीवर सब ठीक करें, स्वास्थ्य वर्धक के गुण।।[...]
भविष्य के प्रति आशा -अमरनाथ त्रिवेदीभविष्य के प्रति आशा -अमरनाथ त्रिवेदी
भविष्य बनने से पहले , इतिहास न बनो तुम । कर्त्तव्य के आलोक को , विस्मृत न करो तुम ।[...]
अनुशासन- अमरनाथ त्रिवेदीअनुशासन- अमरनाथ त्रिवेदी
आत्म शासन ही अनुशासन , यह पल -पल हमे बताता है । सड़क हो या अन्य कोई जगह , मर्यादा[...]
