Author: Anupama Priyadarshini

Kumkum

पुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”पुरुष- कुमकुम कुमारी “काव्याकृति”

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यदि तुम विवेक सम्पन्न हो धर्म की वैज्ञानिकता को समझते हो अभ्युदय व निःश्रेयस की सिद्धि करते हो तो निश्चय[...]

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Jainendra

होली का रंग – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’होली का रंग – जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

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होली का रंग मनहरण घनाक्षरी छंद फाल्गुन महीना आया तन-मन हर्ष छाया, वृंदावन में होली का,दौर चहुंओर है। हिरनी सी[...]

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S K punam

दिखता उल्लास है- एस.के.पूनमदिखता उल्लास है- एस.के.पूनम

0 Comments 8:47 pm

🙏ऊँ कृष्णाय नमः🙏 मनहरण घनाक्षरी अमिया की डाली पर, कान्हा बैठे छुपकर, राधारानी ढ़ूंढ रहीं,सखियाँ उदास है। रंगों का त्योहार[...]

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S K punam

मंजरी भी न्यारी है – एस.के.पूनममंजरी भी न्यारी है – एस.के.पूनम

0 Comments 1:31 pm

सरसों के पीले-पीले, फलियों में दाने भरे, झूम रही हवा संग,कलियाँ ये प्यारी है। रस चूसे मधुकर, किसलय पर बैठ[...]

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S K punam

कृपाण घनाक्षरी – एस.के.पूनमकृपाण घनाक्षरी – एस.के.पूनम

0 Comments 4:54 pm

कवियों की गोष्ठी आज, साध कर सुर साज, खोल देते सारे राज,कवित्त करे झंकार । शब्द जोड़-तोड़ लिखा, कविता पढ़ना[...]

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Jainendra Prasad Ravi

नारी तू नारायणी है – जैनेन्द्र प्रसाद रविनारी तू नारायणी है – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 8:37 pm

समाज की बलि नित्य बनती है औरत! क्या समाप्त हो गई इसकी जरूरत? श्रद्धा से प्रेरणा पा “मनु’ को आई[...]

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S K punam

मनहरण(महिलाओं को समर्पित) – एस.के.पूनममनहरण(महिलाओं को समर्पित) – एस.के.पूनम

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उतरी है नन्ही परी, हाथ-पाँव मार रही, आँगन तो किलकारी से गुंजायमान है। कद़म-कद़म पर, बजता है रणभेरी, हटी नहीं[...]

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जाग सखी – मीरा सिंह “मीरा”जाग सखी – मीरा सिंह “मीरा”

0 Comments 5:50 pm

तुम तो हो मधुमास सखी जीवन का अहसास सखी तेरी चर्चा आज बहुत मत समझो परिहास सखी उम्मीदों के पंख[...]

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