सहज फल चाख़ा

सहज फल चाखा विश्व कर्म करे राज रे साधो, कर्म है धर्म का मर्म रे साधो। कर्म बिना नही साथी कोई, कर्म ही मानव धर्म रे साधो। विश्व कर्म करे…

पहचान बचा कर रख लेना

पश्चिमीकरण,औद्योगीकरण और नगरीकरण के बढ़ते प्रभाव के कारण हमारी ग्रामीण संस्कृति की पहचान खत्म होती जा रही है। पाश्चात्य अंधानुकरण की होड़ में हम अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे…

प्रेम पथ

प्रेम-पथ एक मानुष काटता पत्थर अहर्निश, बिन रुके और बिन झुके वह ले हथौड़ा, हौशले को कर रहा मजबूत निशदिन, नियति को बदलने का था उसको भरोसा। पर्वत था खड़ा…

कान्हा तेरी दुनियां

कान्हा तेरी दुनिया कान्हा तेरे प्रेम में दीवानी सारी दुनिया, तेरे ही मुस्कान में खो जानी सारी दुनिया। तू है कान्हा राधा रानी है ये सारी दुनिया कान्हा तेरे नाम…

हमारा भारत

हमारा भारत कहते हैं दादा-दादी और कहती है माई, दशकों की गुलामी के बाद हमने यह आज़ादी पाई। तिरंगा फहराने का सौभाग्य बहुत संघर्ष के बाद है आया, कितनी मांओं…

भारत मां की जय जय बोल

भारत माँ की जय-जय बोल मिट्टी चंदन जल है अमृत, पवन बासंती है चितचोर, मातृभूमि है स्वर्ग से सुंदर, धरा सृष्टि की है सिरमौर, भारत माँ की जय जय बोल।…

भारत के नवनिहाल

सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं💐💐 भारत के नवनिहाल भारत के नवनिहाल सुनो, गान देश का, रखना तुन्हें संभाल है, स्वाभिमान देश का। इस देश का मस्तक हमेशा,…

शिखर पर तिरंगा

शिखर पर तिरंगा सुन लो जहां के लोगों जाने वतन हमारा, विविध है बोली भाषा, दिल एक है हमारा। मिट्टी है चंदन जिसकी नदियां अमिय का प्याला, हम तो हैं…