कृष्ण… तुम आज भी कहाँ हो? जब-जब मनुष्य के भीतर मनुष्य मरने लगता है, जब रिश्तों की भीड़ में कोई[...]
Author: Anupama Priyadarshini
ईश्वर की अद्भुत रचनाईश्वर की अद्भुत रचना
ईश्वर की अद्भुत रचना और इंसान का भटकाव सृजनहार ने बड़े चाव से, एक सुंदर संसार रचाया, कण-कण[...]
गुरुगुरु
गुरु…। आपसे ही तो हम हैं मिट्टी थे हम, आकार दिया, अज्ञान के तम को पार किया, खुद जलकर दीपक[...]
कान्हाकान्हा
जब जब मुसीबतें धरा पर आईं कृष्ण तुम्हारी सुधि हमें आई आज संकट है इस धरा पर आया नफरतों[...]
गिरिधर नागर तुम आओगिरिधर नागर तुम आओ
जब जब मुसीबतें धरा पर आईं कृष्ण तुम्हारी सुधि हमें आई आज संकट है इस धरा पर आया नफरतों[...]
मुरलीधर तुम आओमुरलीधर तुम आओ
जब जब मुसीबतें धरा पर आईं कृष्ण तुम्हारी सुधि हमें आई आज संकट है इस धरा पर आया नफरतों[...]
आद्य गुरुओं की महिमाआद्य गुरुओं की महिमा
कविता: “आद्य गुरुओं की महिमा” सृष्टि के प्रथम आदि गुरु ‘सत्यम शिवम सुंदरम’; कला योग तंत्र अस्त्र शस्त्र के ज्ञानी[...]
बीसवीं शताब्दी का बालक – उमेश कुमार सिन्हाबीसवीं शताब्दी का बालक – उमेश कुमार सिन्हा
बीसवीं शताब्दी का था मैं बालक। स्कूल में जाना पड़ता था बैलगाड़ी से। दूर-दराज़ स्कूल था, मेरे पास भाड़ा नहीं[...]
शिक्षक- संजय कुमारशिक्षक- संजय कुमार
उंगली पकड़कर चलते को पकड़ना कलम सिखाते शिक्षक । गुंधी मिट्टी सी बचपन को हैं मूर्त रूप ये देते शिक्षक[...]
आज पुनि जग कान्ह पुकारै- राकेश कुमारआज पुनि जग कान्ह पुकारै- राकेश कुमार
आज पुनि जग कान्ह पुकारै, आओ नंदकुमार। प्रेम-प्रकाश जगत में भर दो, मिटै सकल अँधियार॥ मथुरा-कारा जन्म तुम्हारो, गोकुल भयो[...]
