Author: Anupama Priyadarshini

माँ !तूँ क्यों गगन की सितारा हो गई?माँ !तूँ क्यों गगन की सितारा हो गई?

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कविता- (माॅ!)तूॅ क्यों? गगन की सितारा हो गई । -नूतन झा । जुगनुओं के महफिल की, तूॅ एक तारा हो[...]

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अमर तिरंगे की पुकारअमर तिरंगे की पुकार

0 Comments 9:09 pm

अमर तिरंगे की पुकार स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में[...]

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नारी : सृष्टि की रचनाकारनारी : सृष्टि की रचनाकार

0 Comments 9:05 pm

कन्या! तुम केवल श्रद्धा नहीं, सृष्टि की रचनाकार हो। सुकोमल होते हुए भी, नारी! नर का स्वाभिमान हो। पिछली शताब्दी[...]

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अब तो दीवारें बोलती हैअब तो दीवारें बोलती है

0 Comments 11:26 am

“अब तो दीवारें बोलतीं हैं ” गायब हो गई गाँव की वो पगडंडियाँ, जो सीधे स्कूल को जाती। वासंती बयार[...]

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गिराओगे गटर ईमानगिराओगे गटर ईमान

0 Comments 10:04 am

गिराओगे गटर ईमान 2122 2122 212 सब बचाओगे अगर शैतान को । तब गिराओगे गटर ईमान को । जातियों में[...]

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टीचर्स ऑफ बिहार का साहित्यिक उपवन-उमेश कुमार सिन्हा, निर्देशकटीचर्स ऑफ बिहार का साहित्यिक उपवन-उमेश कुमार सिन्हा, निर्देशक

0 Comments 10:41 pm

काव्य-पंक्तियों का कमल खिल उठा है मंच पर, लेकर कविताओं की सुगंध। सुगंध का प्रेमी भँवरा गुनगुना रहा भावात्मक शब्दों[...]

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अहंकार की दुर्गन्धअहंकार की दुर्गन्ध

0 Comments 11:56 am

अहंकार की दुर्गंध पैसा, पावर घूम-घूमकर, सबके माथे चूम रहा है. जिसे छू लिया इसने, उसका मन ही झूम रहा[...]

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“ज्ञानी ककहरा “-संतोष कुमार“ज्ञानी ककहरा “-संतोष कुमार

0 Comments 11:55 am

क से कबूतर हम पढ़ते हैं, ख से खरगोश है, उजला – उजला, ग से गमला में पौधे लगाना, घ[...]

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“पहली कक्षा के बच्चे” कविता“पहली कक्षा के बच्चे” कविता

0 Comments 11:54 am

पहली कक्षा के बच्चे, दिखते भोले- भाले, होते मन के सच्चे । पहली कक्षा के बच्चे, पहली कक्षा के बच्चे[...]

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