कविता- (माॅ!)तूॅ क्यों? गगन की सितारा हो गई । -नूतन झा । जुगनुओं के महफिल की, तूॅ एक तारा हो[...]
Author: Anupama Priyadarshini
धरती माँ का अमर आँचलधरती माँ का अमर आँचल
🌿 धरती माँ का अमर आँचल 🌿 अपने आँचल में अथाह सागर समेटे, माथे पर शीतल चाँद सजाए। अपनी गोद[...]
अमर तिरंगे की पुकारअमर तिरंगे की पुकार
अमर तिरंगे की पुकार स्वतंत्रता-दिवस आया है, हर आँगन उल्लास समाया है। केसरिया, श्वेत, हरा तिरंगा, गर्व से नभ में[...]
नारी : सृष्टि की रचनाकारनारी : सृष्टि की रचनाकार
कन्या! तुम केवल श्रद्धा नहीं, सृष्टि की रचनाकार हो। सुकोमल होते हुए भी, नारी! नर का स्वाभिमान हो। पिछली शताब्दी[...]
अब तो दीवारें बोलती हैअब तो दीवारें बोलती है
“अब तो दीवारें बोलतीं हैं ” गायब हो गई गाँव की वो पगडंडियाँ, जो सीधे स्कूल को जाती। वासंती बयार[...]
गिराओगे गटर ईमानगिराओगे गटर ईमान
गिराओगे गटर ईमान 2122 2122 212 सब बचाओगे अगर शैतान को । तब गिराओगे गटर ईमान को । जातियों में[...]
टीचर्स ऑफ बिहार का साहित्यिक उपवन-उमेश कुमार सिन्हा, निर्देशकटीचर्स ऑफ बिहार का साहित्यिक उपवन-उमेश कुमार सिन्हा, निर्देशक
काव्य-पंक्तियों का कमल खिल उठा है मंच पर, लेकर कविताओं की सुगंध। सुगंध का प्रेमी भँवरा गुनगुना रहा भावात्मक शब्दों[...]
अहंकार की दुर्गन्धअहंकार की दुर्गन्ध
अहंकार की दुर्गंध पैसा, पावर घूम-घूमकर, सबके माथे चूम रहा है. जिसे छू लिया इसने, उसका मन ही झूम रहा[...]
“ज्ञानी ककहरा “-संतोष कुमार“ज्ञानी ककहरा “-संतोष कुमार
क से कबूतर हम पढ़ते हैं, ख से खरगोश है, उजला – उजला, ग से गमला में पौधे लगाना, घ[...]
“पहली कक्षा के बच्चे” कविता“पहली कक्षा के बच्चे” कविता
पहली कक्षा के बच्चे, दिखते भोले- भाले, होते मन के सच्चे । पहली कक्षा के बच्चे, पहली कक्षा के बच्चे[...]
