Author: Anupama Priyadarshini

एक दिन का सम्मान या हमेशा?एक दिन का सम्मान या हमेशा?

0 Comments 10:50 am

“एक दिन का सम्मान या हमेशा?” “मैं शिक्षक हूँ — और यह मेरी कहानी है” मैं शिक्षक हूँ… हाँ, वही[...]

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*गुरु-शिष्य महिमा**गुरु-शिष्य महिमा*

0 Comments 8:54 pm

गुरु-शिष्य महिमा   गुरु चाणक्य का सानिध्य पाकर, चंद्रगुप्त मिशाल बना; नंद वंश का नाश कर, वह मगध सम्राट बना।[...]

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मेरा इको क्लब परिवारमेरा इको क्लब परिवार

0 Comments 8:53 pm

जब धरती माँ की आँखें भर आईं, सूखी नदियाँ, थकी हुई हरियाई… तब नन्हे क़दम आगे बढ़कर बोले— “माँ, अब[...]

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*चलें स्कूल**चलें स्कूल*

0 Comments 8:59 pm

चलें स्कूल   हम हैं सृजन के फूल, चलें स्कूल। चलें स्कूल, चलें स्कूल।।   बच्चे हैं हम, सृजन के[...]

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गुरु-शिष्य महिमागुरु-शिष्य महिमा

0 Comments 8:59 pm

गुरु-शिष्य महिमा   गुरु चाणक्य का सानिध्य पाकर, चंद्रगुप्त मिशाल बना; नंद वंश का नाश कर, वह मगध सम्राट बना।[...]

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गांधी: देह नहीं, एक विचारगांधी: देह नहीं, एक विचार

0 Comments 4:10 pm

यह केवल एक तारीख नहीं, यह आत्मा का मौन है। आज भारत सिर झुकाकर कहता है— बापू, आप अमर हैं, [...]

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