होली तेरे संग चले हर एक कली जब बोल उठे, मादक मंजर रस टपके, कोयल कूके तन तरसे, बाग की पक्षी चहक उठे, मन मोर दीवानी मचल कहे, चल छोड़…
Author: Anupama Priyadarshini
चंचल वन में मनी है होली-निधि चौधरी
एक बाल कविता होली आई होली आई, चंचल वन की टोली आई। शेर, जिराफ,लोमड़ी, सियार, सभी को भाया है त्योहार। बिल्ली मौसी ने तलें है पुए, पीछे पड़े है उनके…
गुरु को नमन-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
पूरब में देख लाली, झूमती है डाली डाली, धरती आबाद होती, सूरज किरण से। बसंत बहार देख, फूलों की कतार देख, तितली ऋंगार कर, पूछती मदन से। जंगलों में कंद-मूल,…
पहली होली-संजीव प्रियदर्शी
शादी के उपरान्त फाग में, मैं पहुँचा प्रथम ससुराल। जूता पतलून थे विदेशी, सिर हिप्पी कट बाल। ससुराल पहुंचते साली ने मधुर मुस्कान मुस्काई। हाथ पकड़ कर खींची मुझको फिर…
होली में-जैनेन्द्र प्रसाद रवि’
मनहरण घनाक्षरी छंद रंगों का त्योहार आया, खुशियां अपार लाया, आपस की बैर भूल, गले मिलें होली में। गली-गली मचा शोर, खुशी छाई चहुं ओर, बाल, वृद्ध, युवा रंग- खेलें…
होली के रंग खुशियों के संग -विवेक कुमार
फागुन की बयार लाए मौसम की फुहार, उदास मन में लाए नवीनता की बहार , सूने चमन में छाए उमंगों की खुमार, अनकहे रिश्तों में लाए बेहतरीन निखार, टूटे दिलों…
गीत-नीतू रानी
विषय-गीत दिन-मंगलवार गे बहिना बिना पिया के कोना के खेलब रंग गे, पिया बसै उत्तराखंड गे ना। ककरा से माॅ॑गब रंग अबीर केअ खुआयत पुआ खीर, गे बहिना के लगायत…
रंग दो -जयकृष्णा पासवान
*******होली********* रंग दो मुझे रंग दो” प्रेम की बारिश में । दिलों के ख्वाहिश में, कुछ ऐसा रंग भर दो, रंग दो मुझे रंग दो।। “धूप की छांव में ”…
होली- मनोज कुमार
🪂होली ना कहीं पे गम है, सम भाव सबरंग है; हरिभजन का दम है, तो ढोल-नाल का बम है। 👻होली मालपुआ मदमस्त है, दही बड़ा दिलकश है; ड्राई फ्रूट्स भी…
रास छंद- सुधीर कुमार
प्यारे बच्चों , तुम सब मिलकर , अब रहना । इस जीवन में , उत्तम विद्या , ही पढ़ना ।। सही कर्म में , रोज लगाना , तुम मन को…