Author: Anupama Priyadarshini

Nitu Rani

भीमराव- नीतू रानीभीमराव- नीतू रानी

0 Comments 7:47 am

विषय -छुआछूत भारत के ये वीर सपूत, जिसने मिटाया छुआछूत। रामजी मालोजी सकपाल के थे सुपुत्र भीमाबाई के थे चौदहवीं[...]

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वीर सपूत अंबेडकर- रत्ना प्रियावीर सपूत अंबेडकर- रत्ना प्रिया

0 Comments 7:44 am

संविधान की धाराओं में , प्रेरणा नवनिर्माण है , अंबेडकर जैसा वीर सपूत , भारत का अभिमान है | जाति-प्रथा,[...]

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Jainendra

बैशाखी- जैनेन्द्र प्रसाद रविबैशाखी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:41 am

बरसों बाद फिर आई रुत ये बहार के, शुभ घड़ी आई, दिन बीते इंतजार के। फसलें तैयार हुईं देखो मन[...]

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Jainendra

प्यारे बच्चे- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’प्यारे बच्चे- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 1:54 pm

मनहरण घनाक्षरी छंद जगत से न्यारा रूप, ढ़ल जाते अनुरूप, बनकर चितचोर, सबको लुभाता है। पल में ही रूठ जाता,[...]

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Nitu Rani

दुष्ट व्यक्ति- नीतू रानीदुष्ट व्यक्ति- नीतू रानी

0 Comments 1:52 pm

दुष्ट ,बेईमान व्यक्ति से बचकर रहना मेरे भाय, दूसरे का धन लूटकर धनी आज कहलाय। ऊपर से उजला दिखता अंदर[...]

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Jainendra

आलस्य से मुंह मोड़ो- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’आलस्य से मुंह मोड़ो- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 10:26 pm

पक्षियों ने छेड़े राग, प्यारे बच्चों जाओ जाग, भोर की सुहानी बेला, स्वच्छ आसमान है। अब तो विस्तर छोड़ो, आलस[...]

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Jainendra

विशाल बिरवान- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’विशाल बिरवान- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:33 am

कांधे पर चढ़कर, तन से लिपट कर, आसपास बच्चे बैठे, दादाजी पर ध्यान है। सिर्फ श्वेत बाल नहीं, झुर्रियों से[...]

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Jainendra

सुहानी सुबह- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’सुहानी सुबह- जैनेन्द्र प्रसाद रवि’

0 Comments 9:32 am

सुहानी सुबह बागों में बहार आई, खिल गई अमराई, हरे-हरे नए पत्ते, डालियों में हिलते। भोर लिया अंगड़ाई, सुहानी सुबह[...]

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