Author: Dev Kant Mishra

Vivek

ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ- विवेक कुमारज्ञान की ज्योति जगा दे माँ- विवेक कुमार

0 Comments 9:49 pm

हे माँ शारदे, वीणावादिनी माँ, ज्ञान की देवी, ज्ञान की ज्योति जगा दे माँ, मैं हूंँ तुच्छ अज्ञानी, मुझे ज्ञान[...]

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Amarnath Trivedi

सरस्वती वंदना- अमरनाथ त्रिवेदीसरस्वती वंदना- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 8:53 am

कर दे  निहाल  माता, मेरे सपनों को जगा दे। जैसी  हो  तेरी  मर्जी, माँ अपनी शरण लगा ले। करता  हूँ  तेरा   वंदन, तेरा [...]

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Suresh Kumar gaurav

वासंती महक- सुरेश कुमार गौरववासंती महक- सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 6:58 am

पीली-पीली सरसों की बगिया, लहराए खेतों में नव अभिलाषा। पतझड़ की उदासी को छोड़कर, लाया वसंत हर्ष की परिभाषा। प्रकृति[...]

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Aprajita

नवजीवन संचार- अपराजिता कुमारीनवजीवन संचार- अपराजिता कुमारी

0 Comments 6:50 am

शीत शरद की हो रही विदाई धरती मानो ले रही अंगड़ाई ऋतुराज की हो रही अगुवाई प्रकृति बसंती रंग में[...]

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Kumkum

वेदमाता भवानी – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’वेदमाता भवानी – कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’

0 Comments 4:19 pm

करूँगी सदा वंदना मैं तुम्हारी, भवानी सुनो प्रार्थना है हमारी। बना दो विवेकी हरो अंधियारा, पुत्री हूँ तुम्हारी बनो माँ[...]

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Ratna Priya

वीणा की झंकार – रत्ना प्रियावीणा की झंकार – रत्ना प्रिया

0 Comments 4:02 pm

प्रकृति के मनोहर आँगन में, वसंत की बहार है, वागेश्वरी के वीणा की, गूँजती झंकार है। श्वेत पद्म व श्वेत[...]

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Amarnath Trivedi

पढ़ने को स्कूल चलें हम- अमरनाथ त्रिवेदीपढ़ने को स्कूल चलें हम- अमरनाथ त्रिवेदी

0 Comments 4:59 pm

नित पढ़ने को स्कूल चलें हम, किसी बात पर नहीं लड़ें हम। जीवन में खुशियाँ भरने को, नित बस्ता लें[...]

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Ruchika

सरस्वती वंदना- रूचिकासरस्वती वंदना- रूचिका

0 Comments 4:42 pm

हे वीणावादिनी! देवी सरस्वती, हमें कष्टों से उबार दें। मूढ़मति हम संतान तुम्हारे, हमें ज्ञान का उपहार दे। अज्ञानता का[...]

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ram किशोर

मनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठकमनहरण घनाक्षरी- रामकिशोर पाठक

0 Comments 12:25 pm

वीणा रखती हाथ में, सुर संगीत साथ में, जीवन में आनंद हो, भाव रस पीजिए। मॉं तेरी हंस सवारी, लगती[...]

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Suresh Kumar gaurav

सरस्वती वंदना – सुरेश कुमार गौरवसरस्वती वंदना – सुरेश कुमार गौरव

0 Comments 12:12 pm

वीणा वादिनी, ज्ञान की देवी, माँ शारदे, करूँ मैं अर्पण। बुद्धि, विवेक, नीति की ज्योति,तेरे चरणों में समर्पण॥ बालक बनें[...]

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