आत्मविश्वास से  भरे  डगर में -अमरनाथ त्रिवेदी

आत्मविश्वास  से  भरे  डगर में , न  मन, प्राण , वचन से   पीछे  जाना । हम सबके दिल के  स्नेह   हो  प्यारे , भविष्य  में  अपनी पहचान   बनाना । मन हर्षित दिल अभिलषित है  मेरा , तू  अभी   से   सँभलते   जाओ । स्नेहसिक्त  करूँ  आज  तुझे  मैं…

टीचर्स ऑफ बिहार : नवचेतना का उद्घोष-मनु कुमारी

जब शिक्षा को मिला नव संबल, जब शिक्षक को पहचान मिली, बीस जनवरी का वह पावन दिन, नव इतिहास की आधारशिला मिली। विचार बने दीप, श्रम बनी लौ, प्रतिभा को…

टीचर्स ऑफ बिहार हमारा-एम० एस० हुसैन कैमूरी 

आज है , टीओबी का स्थापना दिवस  आईए हम सब मिलकर इसको मनाएं  इसी से होती है हमारी रचनाएं प्रकाशित  जन – जन तक इस बात को पहुंचाएं  कौन करेगा…

ऋतुराज बसंत- रत्ना प्रिया

प्रकृति यौवन का रूप धार, करती नित्य-नूतन श्रृंगार, सौंदर्य शिखाओं में अनंत, चहुँ ओर खिला यह दिग-दिगंत, कण-कण में उल्लास छा गया । ऋतुराज बसंत है आ गया । पीत-वर्णी…

हे भारत -गिरीन्द्र मोहन झा

हे भारत ! रामायण की मर्यादा, नीति, कर्त्तव्यपरायणता तुममें, है तुझमें वेद, उपनिषद, भगवद गीता का असीम ज्ञान, विदुरनीति, नीतिशतक, कौटिल्य की नीति-अर्थशास्त्र तुममें, कई महापुरुष हैं तेरे सपूत, है…

पहल-रूचिका

पहल जब दूरियाँ बढ़ जाए रिश्तों में पहल कर लो नजदीक आने की दूरियाँ मिटाने की। कोई गलतफहमी जब गाँठ बाँध ले पहल कर लो गाँठें सुलझाने की गलतफहमी मिटाने…

ऋतु कुसुमाकर-राम किशोर पाठक

लाना फूलों की सब माला। ऋतु कुसुमाकर आने वाला।। गुरुवर सबको बोल रहे हैं। राज सभी से खोल रहे हैं।। सजने वाला अपना शाला। ऋतु कुसुमाकर आने वाला।।०१।। पूजा होगी…