बागों से वादों को निभाना जारी रखना, पतझड़ में भी बाग सजाना जारी रखना। पत्ते टूटें, पर शाख बचाना जारी[...]
Author: madhukumari
डरता हूं -पुरुषोत्तम कुमार डरता हूं -पुरुषोत्तम कुमार
बेटी,तुझे पाने से डरता था आज पाकर खो जाने से डरता हूं। कल तक तेरा बोझ उठाने से डरता था,आज[...]
बेटी-खुशबू कुमारी बेटी-खुशबू कुमारी
मेरे घर की रौशनी है बेटी, खिलती हुई कमल है बेटी। घर आंगन में शोर मचाती, चहचहाती कोयल है बेटी।[...]
बेटी-उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक’बेटी-उमेश कुमार सिन्हा ‘निर्देशक’
कर्मठता का प्रतीक बेटी है, बेटी घर की शान। माँ की गृहस्थी में सहयोगिनी, पापा की पगड़ी की शान। एक[...]
देख कर यह दृश्य तेरा चाय फीकी हो गई-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ देख कर यह दृश्य तेरा चाय फीकी हो गई-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
बालपन से काल कटकर चाय मीठी कर गया हम कहाँ कितना उठे हैं सोचकर मन भर गया।। नीर बहता रोक[...]
मेरी माँ – खुशबू कुमारी मेरी माँ – खुशबू कुमारी
दिखने में बिल्कुल सरल और सहज, मेरे जीवन की वास्तविक सच्चाई, हमारी हर सफलता की परिभाषा, हम बच्चों की प्रेरणा[...]
पुत्री-दिवस-गिरीन्द्र मोहन झापुत्री-दिवस-गिरीन्द्र मोहन झा
धन्य वह गेह है, जहां खिलखिलाती बेटियाँ, धन्य वह गेह है, जहाँ चहचहाती हैं बेटियाँ, धर्म-ग्रंथ कहते हैं, गृह-लक्ष्मी होती[...]
बेटियों से बदसलुकी-राहुल कुमार रंजन बेटियों से बदसलुकी-राहुल कुमार रंजन
बेटी को कमजोर समझना, ये कैसी सोच हमारी है? जिसके आने से घर महके, वही क्यों आज बेचारी है? बेटी[...]
शिक्षक की पुकार-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशिक्षक की पुकार-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
आस लगाए बैठे शिक्षक, पथ पर आँखें बिछाये हैं, कोई तो पूछे हाल हमारा, दर्द हृदय में समाए हैं। कल[...]
घर की लक्ष्मी: बेटी -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर घर की लक्ष्मी: बेटी -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
भाग्य से तो केवल जीवन मिलता है जग में, पर बेटी का आना महा-सौभाग्य कहलाता है। जिस घर में गूंजे[...]
