Author: madhukumari

Kartik Kumar

शिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमारशिक्षक तुम सृजन हो-कार्तिक कुमार

0 Comments 5:46 pm

शिक्षक तुम सृजन हो, ज्ञान की अमर निशानी हो, शिक्षक तुम विनाश की अकथ कहानी हो। अज्ञान के अंधेरों का[...]

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गाय-कार्तिक कुमारगाय-कार्तिक कुमार

0 Comments 11:46 pm

गाय हमारी माता है, सबसे प्यारी, सबसे न्यारी। दूध, दही और घी देकर, करती जीवन की रखवाली। सीधी-सादी, शांत स्वभाव[...]

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एक छोटा बच्चा था-कार्तिक कुमारएक छोटा बच्चा था-कार्तिक कुमार

0 Comments 4:40 pm

एक छोटा बच्चा था, मन से बड़ा सच्चा था। नन्हे-नन्हे उसके सपने, आँखों में उजियारा था। मीठी उसकी प्यारी बोली,[...]

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विजय पताका-बिंदु अग्रवालविजय पताका-बिंदु अग्रवाल

0 Comments 10:59 pm

मेहनत करने वालों को मिलती मंज़िल की राहें। मंज़िल स्वागत-गान करे, फैलाकर अपनी बाँहें। जिसने अपना बना पसीना, लहू बहाया[...]

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बिंदु अग्रवाल-ऐ लड़कियों सुनोबिंदु अग्रवाल-ऐ लड़कियों सुनो

0 Comments 10:07 am

ऐ लड़कियों सुनो…! तुम खुद अपनी पहचान बनो, तुम खुद अपना अरमान बनो, न ढूँढ़ो कहीं किनारा तुम, तुम खुद[...]

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Ratna Priya

अनमोल तेरा प्यार है – रत्ना प्रियाअनमोल तेरा प्यार है – रत्ना प्रिया

0 Comments 8:56 am

ओ प्रिय ! तेरी बाँहों में मेरा पूरा संसार है, बिन मोल ही बिक जाऊँ मैं, अनमोल तेरा प्यार है। [...]

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मेरा किसान-संजीत कुमार निगममेरा किसान-संजीत कुमार निगम

0 Comments 1:35 pm

जब मंडराने लगे आसमान में बादल काले-काले, कंधों पर कुदाल लिए खेतों की राह चले मतवाले। जब बरसने लगीं बूँदें[...]

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