सहज, सरल, स्वभाव मधुर, मुख पर हँसी का योग हो, स्वस्थ तन हो, मन प्रसन्न, ऐसा अनुपम संयोग हो। स्वस्थ[...]
Author: madhukumari
वृक्ष- राम किशोर पाठकवृक्ष- राम किशोर पाठक
वृक्ष है जीवन हमारा, क्यों किया इसका विनाश। कर रहे हो फिर भला क्यों, शुद्ध संचारी तलाश।। ताप जब बढ़ता[...]
जल ही जीवन है-राम किशोर पाठकजल ही जीवन है-राम किशोर पाठक
जल ही जीवन विचार लाओ। अपनी धरती निहार आओ।। प्यासे कब-तक भला सहेंगे। दिन कितने हम बचे रहेंगे।। धरा-ताप जब[...]
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस- अमरनाथ त्रिवेदीअंतर्राष्ट्रीय योग दिवस- अमरनाथ त्रिवेदी
आत्मचिंतन से निकली ऊर्जा ज़ब भोग का नाश कराती है । तभी योग उमड़ता जीवन में , यह शरीर से[...]
शशि नभ मंडल, आए कैसे-राम किशोर पाठकशशि नभ मंडल, आए कैसे-राम किशोर पाठक
शशि नभ मंडल, आए कैसे? नित छवि नूतन, पाए कैसे? हरपल शीतल, दे अंजोरा। तन रखता निज, गोरा-गोरा।। हम सबका[...]
गर्मी आई-ब्यूटी कुमारीगर्मी आई-ब्यूटी कुमारी
गर्मी आई लू बरसाई , सूरज की तेज तपिश । धरती पर छाई लू की कहर, निकल ना पाते घर[...]
प्रज्ञा निखार- राम किशोर पाठकप्रज्ञा निखार- राम किशोर पाठक
ले ली है अब अपनी, प्रज्ञा निखार। रहते हैं हम होकर, सबसे उदार।। क्षमा दान दूँ अब, तजकर विलाप। रखना[...]
पावस-राम किशोर पाठक पावस-राम किशोर पाठक
नैन व्यथित थें दर्श हुआ है। मिलकर मुझको हर्ष हुआ है।। अब पूनम सी लगे अमावस। क्या सखि? साजन! न[...]
हमें करना है प्रेम-राम किशोर पाठक हमें करना है प्रेम-राम किशोर पाठक
हमें करना है प्रेम। करे जो सबका क्षेम।। कुटिल कुत्सित सह क्रूर। हुए सब हमसे दूर।। नहीं प्रेमिल सहवास। नहीं[...]
बाल श्रम नहीं, पढ़ने की उम्र है-राहुल कुमार रंजनबाल श्रम नहीं, पढ़ने की उम्र है-राहुल कुमार रंजन
खेलने-कूदने की उम्र है, अभी बढ़ने दो, नन्हे हाथों में काम नहीं, सपने रहने दो। कंधों पर बस्ते सजने दो,[...]
