कर्मठता का प्रतीक बेटी है, बेटी घर की शान। माँ की गृहस्थी में सहयोगिनी, पापा की पगड़ी की शान। एक[...]
Author: madhukumari
देख कर यह दृश्य तेरा चाय फीकी हो गई-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’ देख कर यह दृश्य तेरा चाय फीकी हो गई-रामपाल प्रसाद सिंह ‘अनजान’
बालपन से काल कटकर चाय मीठी कर गया हम कहाँ कितना उठे हैं सोचकर मन भर गया।। नीर बहता रोक[...]
मेरी माँ – खुशबू कुमारी मेरी माँ – खुशबू कुमारी
दिखने में बिल्कुल सरल और सहज, मेरे जीवन की वास्तविक सच्चाई, हमारी हर सफलता की परिभाषा, हम बच्चों की प्रेरणा[...]
पुत्री-दिवस-गिरीन्द्र मोहन झापुत्री-दिवस-गिरीन्द्र मोहन झा
धन्य वह गेह है, जहां खिलखिलाती बेटियाँ, धन्य वह गेह है, जहाँ चहचहाती हैं बेटियाँ, धर्म-ग्रंथ कहते हैं, गृह-लक्ष्मी होती[...]
बेटियों से बदसलुकी-राहुल कुमार रंजन बेटियों से बदसलुकी-राहुल कुमार रंजन
बेटी को कमजोर समझना, ये कैसी सोच हमारी है? जिसके आने से घर महके, वही क्यों आज बेचारी है? बेटी[...]
शिक्षक की पुकार-धर्मेंद्र कुमार ठाकुरशिक्षक की पुकार-धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
आस लगाए बैठे शिक्षक, पथ पर आँखें बिछाये हैं, कोई तो पूछे हाल हमारा, दर्द हृदय में समाए हैं। कल[...]
घर की लक्ष्मी: बेटी -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर घर की लक्ष्मी: बेटी -धर्मेंद्र कुमार ठाकुर
भाग्य से तो केवल जीवन मिलता है जग में, पर बेटी का आना महा-सौभाग्य कहलाता है। जिस घर में गूंजे[...]
राधा रानी का अवतरण :- बाल कृष्ण दर्शन से पहली खिलखिलाहट – उमेश कुमार सिन्हा राधा रानी का अवतरण :- बाल कृष्ण दर्शन से पहली खिलखिलाहट – उमेश कुमार सिन्हा
कृष्ण-जन्माष्टमी हम मनाते, कान्हा की महिमा गाते हैं, पर श्रीराधा के जन्म की कथा, आज आपको सुनाते हैं। भाद्रपद कृष्णपक्ष[...]
प्रकृति बचाएँ – जीवन खुशहाल बनाएँ-मृत्युंजय कुमारप्रकृति बचाएँ – जीवन खुशहाल बनाएँ-मृत्युंजय कुमार
हम सबने यह ठाना है, प्रकृति को बचाना है। पेड़-पौधे लगाएंगे, हरियाली फैलाएंगे। आओ मिलकर पेड़ लगाएँ, पर्यावरण को स्वच्छ[...]
धरती मइया के पुकार-सुनील कुमार प्रजापतिधरती मइया के पुकार-सुनील कुमार प्रजापति
धरती मइया पुकारे हई, सुनऽ हो मनई के लाल, हरियर-हरियर जंगल बचइहऽ, मत करऽ इनकर हाल। नदिया, पोखर, आहर-पइन, सभे[...]
