हे भारत -गिरीन्द्र मोहन झा

हे भारत ! रामायण की मर्यादा, नीति, कर्त्तव्यपरायणता तुममें, है तुझमें वेद, उपनिषद, भगवद गीता का असीम ज्ञान, विदुरनीति, नीतिशतक, कौटिल्य की नीति-अर्थशास्त्र तुममें, कई महापुरुष हैं तेरे सपूत, है…

पहल-रूचिका

पहल जब दूरियाँ बढ़ जाए रिश्तों में पहल कर लो नजदीक आने की दूरियाँ मिटाने की। कोई गलतफहमी जब गाँठ बाँध ले पहल कर लो गाँठें सुलझाने की गलतफहमी मिटाने…

ऋतु कुसुमाकर-राम किशोर पाठक

लाना फूलों की सब माला। ऋतु कुसुमाकर आने वाला।। गुरुवर सबको बोल रहे हैं। राज सभी से खोल रहे हैं।। सजने वाला अपना शाला। ऋतु कुसुमाकर आने वाला।।०१।। पूजा होगी…

वीर माता क्यों मजबूर हुई-नीतू रानी

वीर‌ माता क्यों मजबूर हुई जब उसपर अत्याचार क्रूर हुई, तभी वीर माता मजबूर हुई। वीर माता पर पुरुषों का बज्र प्रहार, वीर माता खाती रही पुरुषों की मार। वीर…

योगासन गीतिका :-कार्तिक कुमार

पद्मासन पालथी मार, पैर जंघा पर धर, रीढ़ सीधी, नेत्र बंद कर। श्वास-प्रश्वास सम, मन हो शांत, लाभ—ध्यान बढ़े, तनाव हो अंत। वज्रासन घुटनों के बल बैठो ध्यान से, पीठ…

फसलों का त्योहार है खिचड़ी-एम० एस० हुसैन कैमूरी 

फसलों का त्योहार है खिचड़ी  प्रकृति का उपहार है खिचड़ी  देखिए फसलों की पैदावार बढ़ाकर  लाई खुशियों की बौछार है खिचड़ी  नए फसल भी लगा लिए हैं ,हम-सब ने  फिर…