आजादी की 80वाँ वर्षगाँठ हम मना रहे हैं, स्वयं ही अपनी आजादी पर इठला रहे हैं। मगर क्या कभी सोचा[...]
Author: madhukumari
स्वतंत्रता से प्यार-रत्ना प्रियास्वतंत्रता से प्यार-रत्ना प्रिया
अखिल विश्व के हर प्राणी को , स्वतंत्रता से प्यार है , पराधीनता में सुख नहीं , यह जानता संसार[...]
झूला झूलें-रत्ना प्रियाझूला झूलें-रत्ना प्रिया
सावन आया झूला झूलें, धरती से गगन को छू लें, काली बदरी नभ में छाई, रिम-झिम-रिम-झिम वर्षा आई, बच्चे समाते[...]
आजादी का दिव्य पर्व महान-बेबी अर्चना आजादी का दिव्य पर्व महान-बेबी अर्चना
है हिन्द-सिंध अपना हिय सनातन आजादी का यह दिव्य पर्व महान गुलामी- कलुषित- कालिमा का आज ही के दिन हुआ[...]
प्रणाम सर-कार्तिक कुमारप्रणाम सर-कार्तिक कुमार
प्रणाम सर! — खुश रहो बच्चा, जीवन में तुम आगे बढ़ना। पढ़ाई करो अच्छा-अच्छा, ज्ञान का दीपक सदा जलाना। काम[...]
मोह का बंधन – मनु कुमारीमोह का बंधन – मनु कुमारी
बहुत प्रबल होता है सखे ये, मोह का नाज़ुक बंधन। इसमें बंधे चले जाते सब , धनी हो चाहे निर्धन।।[...]
सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना-राम किशोर पाठक सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना-राम किशोर पाठक
विश्व-बोध नित लेकर सपना। सर्वश्रेष्ठ यह भारत अपना।। नाग-तुंग नभ छूकर कहते। देव-भूमि सुर आकर रहते।। दिव्य लोक सम दर्शन[...]
सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा सेवाभावी की अभिलाषा – उमेश कुमार सिन्हा
नहीं चाहूँ स्वर्णिम वैभव का मुझ पर राजतिलक हो, नहीं चाहूँ यश का सूरज मेरे ही आँगन उदित हो। नहीं[...]
बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”बचपन की बारात – उमेश कुमार सिन्हा “निर्देशक”
एक-एक रुपया जोड़-जोड़कर गुल्लक अपनी भर लाई, दादी के घर बड़े जतन से मैंने एक गुड्डा बनवाई। नानी के घर[...]
मेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हामेरी माँ वसुंधरा -उमेश कुमार सिन्हा
अपने आँचल में अथाह सागर समेटे, माथे पर शीतल चाँद सजाए। अपनी गोद में समस्त सृष्टि को बसाए, ओ! कोई[...]
