Author: PRIYANKA PRIYA

Jainendra Prasad Ravi

हिंदी माथे की बिंदी- जैनेन्द्र प्रसाद रविहिंदी माथे की बिंदी- जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 7:46 am

मनहरण घनाक्षरी छंद भाग-१सुगम हमारी हिन्दी,देश के माथे की बिंदी,हिंदी से ही भारत की, होती पहचान है। संस्कृत की बेटी[...]

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हिंदी- विजय शंकर ठाकुरहिंदी- विजय शंकर ठाकुर

0 Comments 11:23 pm

हिन्द की पहचान,हिंदी,राष्ट्र का स्वाभिमान,हिंदी,सकल जगत को यह पता है,सभ्यता की शान,हिंदी।राष्ट्रध्वज का मान,हिंदी,प्यार का आह्वान,हिंदी,चहूं दिशा में शोर है[...]

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सबल प्रेरणा हिंदी- रत्ना प्रियासबल प्रेरणा हिंदी- रत्ना प्रिया

0 Comments 10:00 pm

सबल प्रेरणा हिन्दीहिंदी भाषा हर भाषा से पहचान कराती है,अक्षर-अक्षर, शब्द-शब्द में अनुपम प्यार लुटाती है। माँ के मुख से[...]

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बच्चे रोज आते स्कूल- नीतू रानीबच्चे रोज आते स्कूल- नीतू रानी

0 Comments 5:33 pm

बच्चे रोज आते स्कूल,पेंसिल लाना जाते भूल। बच्चे को है खेल पसंद,पढ़ने में नहीं आता आनंद। मोबाईल चलाने में नंबर[...]

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बच्चों का खेल – जैनेन्द्र प्रसाद रविबच्चों का खेल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 10:41 am

मोबाईल का युग आया,बच्चे बूढे को मन भाया,आज भी गांँवों में बच्चे, खेलते अनेक खेल। कभी पानी में नाव चलाते,कभी[...]

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जीवन से हार मत मानो – राहुल कुमार रंजनजीवन से हार मत मानो – राहुल कुमार रंजन

0 Comments 6:19 pm

अँधेरा चाहे बहुत गहरा हो,रात भले ही ठहरी हो,आशा की किरण कहीं न कहीं,तुम्हारे लिए भी फैली हो। दर्द तुम्हारे[...]

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