मनहरण घनाक्षरी छंद भाग-१सुगम हमारी हिन्दी,देश के माथे की बिंदी,हिंदी से ही भारत की, होती पहचान है। संस्कृत की बेटी[...]
Author: PRIYANKA PRIYA
हिंदी- विजय शंकर ठाकुरहिंदी- विजय शंकर ठाकुर
हिन्द की पहचान,हिंदी,राष्ट्र का स्वाभिमान,हिंदी,सकल जगत को यह पता है,सभ्यता की शान,हिंदी।राष्ट्रध्वज का मान,हिंदी,प्यार का आह्वान,हिंदी,चहूं दिशा में शोर है[...]
सबल प्रेरणा हिंदी- रत्ना प्रियासबल प्रेरणा हिंदी- रत्ना प्रिया
सबल प्रेरणा हिन्दीहिंदी भाषा हर भाषा से पहचान कराती है,अक्षर-अक्षर, शब्द-शब्द में अनुपम प्यार लुटाती है। माँ के मुख से[...]
गरिमा की भाषा हिंदीगरिमा की भाषा हिंदी
गरिमा की भाषा यह हिंदी मानव जीवन का आधार है ,जीवन की गतिविधि चलती इससे यह संस्कृति का आगार है[...]
बच्चे रोज आते स्कूल- नीतू रानीबच्चे रोज आते स्कूल- नीतू रानी
बच्चे रोज आते स्कूल,पेंसिल लाना जाते भूल। बच्चे को है खेल पसंद,पढ़ने में नहीं आता आनंद। मोबाईल चलाने में नंबर[...]
बच्चों का खेल – जैनेन्द्र प्रसाद रविबच्चों का खेल – जैनेन्द्र प्रसाद रवि
मोबाईल का युग आया,बच्चे बूढे को मन भाया,आज भी गांँवों में बच्चे, खेलते अनेक खेल। कभी पानी में नाव चलाते,कभी[...]
मेरा बिहारमेरा बिहार
यह बिहार की पावन भूमि,दामन भारत माँ का है।करुणा बोध मिली जग को,यह वरदान यहाँ का है। भूमि वीर कुंवर[...]
नन्हा पौधानन्हा पौधा
नन्हा पौधा दादा जी ने बीज लगाया,दादी ने पानी डलवाया।चुन्नू-मुन्नू दौड़े आए,साथ में खाद भी लेकर आए। सात दिनों के[...]
जीवन से हार मत मानो – राहुल कुमार रंजनजीवन से हार मत मानो – राहुल कुमार रंजन
अँधेरा चाहे बहुत गहरा हो,रात भले ही ठहरी हो,आशा की किरण कहीं न कहीं,तुम्हारे लिए भी फैली हो। दर्द तुम्हारे[...]
भारत की जननीभारत की जननी
धन्य है इस धरती की जननी,जो जनती ऐसे लाल को।अपने लहू से तिलक लगाते,भारत माँ के भाल को। सात रंग[...]
