Author: Dr Snehlata Dwivedi

आभूषण -रामपाल प्रसाद सिंहआभूषण -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 5:18 pm

मनहरण घनाक्षरी आभूषण कंदरा गुफाओं बीच,नारी रही नर खींच, कल्पना में डूबा नर ,नारी को सजाने में। पत्थरों को घिसकर,भावना[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

आभूषण -जैनेन्द्र प्रसाद रविआभूषण -जैनेन्द्र प्रसाद रवि

0 Comments 5:15 pm

आभूषण मनहरण घनाक्षरी छंद सदियों से मानव को, लुभाता है चकाचौंध, नर-नारी सभी को ही, आभूषण भाता है। सभी धनवान[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

श्यामला सवारियां -जैनेंद्र प्रसाद रविश्यामला सवारियां -जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 2:13 pm

श्यामला सांवरिया एक दिन श्यामा प्यारी, साथ में सहेली सारी, पानी भरने को गई, गोकुल नगरिया। पहले तो घबराई, फिर[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें

ॐ कृष्णय नमः -एस के पूनमॐ कृष्णय नमः -एस के पूनम

0 Comments 2:10 pm

ॐ कृष्णाय नमः विधा:-मनहरण स्वयं भूखे रह कर, पूत का भरतीं पेट, शयन में सोचती हूँ,कहाँ से अन्न लाऊँ। श्रम[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

सुरभित हो संसार -रामकिशोर पाठकसुरभित हो संसार -रामकिशोर पाठक

0 Comments 1:45 pm

सुरभित हो संसार – दोहा छंद चित विकार से मुक्त हो, निर्मल रहे विचार। पावन मन निज राखिए, सुरभित हो[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

भरकर आस है -रामकिशोर पाठकभरकर आस है -रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:20 pm

भरकर आस है – मनहरण घनाक्षरी लाल मुख प्राची किए, मोह रही जैसे प्रिय, भाव को जगाती हिय, भरकर आस[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

मन उड़ान जब भरे हृदय से -रामकिशोर पाठकमन उड़ान जब भरे हृदय से -रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:17 pm

मन उड़ान जब भरे हृदय से – गीत (१६-१४) तन सुवास भी उड़े गगन में, मन में सुंदर आस जगे।[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

आप ही खास हैं -रामकिशोर पाठकआप ही खास हैं -रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:14 pm

आप ही, खास हैं- अरूण छंद गीत २१२-२१२-२१२-२१२ हो सके, तो कभी, पास में आइए। आप ही, खास हैं, मान[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Ram Kishore Pathak

पुकारिए उसे सदा रामकिशोर पाठकपुकारिए उसे सदा रामकिशोर पाठक

0 Comments 5:12 pm

पुकारिए उसे सदा – पंचचामर/नराच/नागराज छंद गीत १२१-२१२-१२१-२१२-१२१-२ लखे कभी विकार तो, सवाल जो तजा करे। पुकारिए उसे सदा, विचार[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें
Jainendra

बच्चो को सिखाइए-जैनेन्द्र प्रसाद सिंहबच्चो को सिखाइए-जैनेन्द्र प्रसाद सिंह

0 Comments 5:09 pm

बच्चों को सीखाइए जल हरण घनाक्षरी छंद खलिहान छत पर- जहांँ भी जगह मिले, बागवानी करने को, बच्चों को भी[...]

और पढ़ेंऔर पढ़ें