दिवाली। -सादगी से दिवाली। आओ बच्चों चलो मनाने मिलकर हम सब दिवाली, आएँगी सज-धज कर घर में डोली पर बैठकर माँ काली। दीपों से हम घर को सजाएँगे मधुर से…
Author: Dr Snehlata Dwivedi
दिवाली में -रामकिशोर पाठक
दिवाली में सजाकर गाँव की गलियाँ करें रौशन दिवाली में। सजा दो फूल की लड़ियाँ लगे उपवन दिवाली में।। बताना आज है सबको तिमिर फैला घनेरा है। मिटाना है हमें…
दीपक के कई रूप रत्ना प्रिया
दीपक के कई रूप एक दीप, आशा की किरण, निराश मन की आशा | एक ज्योति, उज्ज्वल दृष्टि, नयनों की ज्योति | एक दीपक, बुढ़ापे की लाठी, कुल की कीर्ति…
मीठी बोली- रामपाल प्रसाद सिंह
मीठी बोली। कोयल के लिए स्वर,अनमोल सरोवर, डूबने को हर लोग,चाहते हैं दिन-रात। काक काला लिए रंग,कंठस्थ है स्वरभंग, करते बच्चों को तंग,निर्दयी पक्षी की जात। आचार-विचार से ही,पहचान मिलती…
वंदनवार सजे शारदा – रामपाल प्रसाद सिंह
वंदनवार सजे शारदा शोर हुआ अब कानन में। मदिरा सवैया भोर हुई उठ जा प्रिय जीवन, बोल रही कोयल वन में। स्वप्न निरंतर देख रही तुम, शोर हुआ अब कानन…
हेलो अक्टूबर अवधेश कुमार
हेलो अक्टूबर : मेरे बगीचे से : बाल कविता अक्टूबर आया लेकर मौसम सुहाना सा, सूरज मृदु , नभ नीला शांत सा । मेरे बगीचे में खिले हैं तरह तरह…
चरणों की भक्ति -जैनेन्द्र प्रसाद रवि
चरणों की भक्ति रूप घनाक्षरी छंद दानवों का दुनिया में अत्याचार बढ़ा जब, धरा की पुकार सुन, लिया तब अवतार। यशोदा मांँ के प्यार में, राधा के मनुहार में, नंद…
दीप जलाना कर्म है रामकिशोर पाठक
दीप जलाना कर्म है – दोहा छंद गीत तिमिर घना कितना यहाँ, इसका करें न ध्यान। दीप जलाना कर्म है, करिए तो श्रीमान।। शक्ति अँधेरे में कहाँ, टिके दीप के…
मतदान -नीतू रानी
-मतदान। आने वाला है इलेक्शन। कुछ दिन बाद है इलेक्शन आने वाले, लोग मिलेंगे तुमको बहलाने -फुसलाने वाले। जो करते थे पहले तुमसे लड़ाई और झगड़े, वही आएगा तेरे घर…
मिसाइल मैन -राम किशोर पाठक
मिसाइल मैन – महामंगला छंद (विश्व विद्यार्थी दिवस) करिए उनको नमन, जो भारत की शान। मैन मिसाइल अबुल, विश्व लिया यह जान।। था स्वभाव भी मृदुल, भरा हुआ था ज्ञान।…