कैकेई का त्याग- विधाता छंद गीत जगत कल्याण के कारण, किया विष पान त्रिपुरारी। पुनः दुनिया बचाने को, किया है त्याग निज नारी।। निभायी राष्ट्र से नाता, लुटायी स्वप्न थी…
Author: Dr Snehlata Dwivedi
चलो हाथ धोते हैं अवधेश कुमार
चलो हाथ धोते हैं । एक दिन हाथ बोले । चलो आज नया काम करते हैं, गंदगी से दोस्ती तोड़ते हैं, साबुन-पानी संग हाथ धोते हैं। उंगलियाँ हँसकर बोलीं ,…
गजल एक प्रयास- राम किशोर पाठक
गजल एक प्रयास चलो अब आज हम सीखें कहा कैसे गजल यारों। जिसे उर्दू गजल कहता वही हिंदी सजल यारों।। कहा कोई अजल इसको बिना सिर पैर सा देखो। मगर…
गीदड़ तब शोर मचाएगा – रामपाल प्रसाद सिंह
गीदड़ तब शोर मचाएगा… निज शेर पाॅंव पीछे खींचे। निज ऑंखों को करके नीचे।। तब बुरा समझ कहलाएगा गीदड़ तब शोर मचाएगा मौसम छाया कई दिनों से। चल रहे हैं…
हे हरि क्लेश हरो -रामपाल प्रसाद सिंह
हे हरि! क्लेश हरो। विधा गीत। मेरे पीछे पड़ा जगत है,कर दो मालिक मदद जरा। सूख रहे जीवन उपवन को,हे हरि!कर दो हरा-भरा।। देना है तो दे दो मुझको,हमको तुम…
मतदान -रामकिशोर पाठक
मतदान – मनहरण घनाक्षरी दौड़ भाग कर रहे, खोज-खोज मिल रहे, पाँव भी पकड़ रहे, आया मतदान है। देखकर निहारते, हृदय से पुकारते, गले में बाह डालते, जैसे पहचान है।…
रजनी गंधा की महक अवधेश कुमार
रजनीगंधा की महक सुबह की बेला मे जब ओस की बूँदों संग रजनीगंधा महके, मन प्रफुल्लित करे— यही सुगंध, यही एहसास, हर घर को स्वर्ग जैसा बना दे खास! रजनीगंधा,…
नारी का अपमान -जैनेंद्र प्रसाद
नारी का अपमान मनहरण घनाक्षरी छंद लंकापति रावण का यश बल धन गया, किया अपमान जब, जनक दुलारी का। कौरवों ने द्रौपदी की चीर का हरण किया, अबला लाचार जान,…
प्यारे चांद -डॉ स्नेहलता द्विवेदी
प्यारे-चाँद ओ चाँद उतर मेरे अँगना, मैं तो बैठी संग है बहना। जा ढूंढ के ला मेरा सजना, न उतरे तो फिर ना कहना। यह पूनम बहुत निराली है, है…
बालिका शिक्षा -रामकिशोर पाठक
बालिका शिक्षा सही गलत का निर्णय सारा, खुद उनके हीं हाथ हो।। सुखी सदा हो तभी बालिका, जब शिक्षा का साथ हो।। पहन परिधान जब जाती हैं, संग संकल्प मन…