निद्रा कभी वास्तविक कभी काल्पनिक होती है यह निद्रा। कभी प्रसन्नता कभी निराशा देती है यह निद्रा। कभी साहस कभी[...]
Author: Dr Snehlata Dwivedi
निष्पक्ष चुनाव को -जैनेन्द्र प्रसादनिष्पक्ष चुनाव को -जैनेन्द्र प्रसाद
निष्पक्ष चुनाव को मनहरण घनाक्षरी छंद में कुशल हो चाहे मांँझी, चाहे नहीं चले आंँधी, छोटा सा भी एक छेद,[...]
आओ उठकर – रामकिशोर पाठकआओ उठकर – रामकिशोर पाठक
आओ उठकर – बाल कविता (वासुदेव छंद) अम्मा हँसकर, बोल गयी। मन में मधुरस, घोल गयी।। उठ आओ अब, भोर[...]
कब तक कोई अपना- राम किशोर पाठककब तक कोई अपना- राम किशोर पाठक
कब-तक कोई अपना- गीत छोटे-छोटे शब्दों से मन टूटेगा। कब-तक कोई अपना हमसे रूठेगा।। अपनों में तो खिच-खिच होती रहती[...]
नहीं विश्वाश होता है -रामपाल पाल प्रसाद सिंहनहीं विश्वाश होता है -रामपाल पाल प्रसाद सिंह
गीत(विधाता छंद) नहीं विश्वास होता है सनातन धर्म अभ्यागत,धरा को लहलहाया है। नहीं विश्वास होता है,कि मानव ने बनाया है।।[...]
प्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसादप्रभाती पुष्प -जैनेंद्र प्रसाद
प्रभाती पुष्प सूर्य देव से प्रार्थना मनहरण घनाक्षरी छंद नर-नारी संत-यति, उपवास रख ब्रती,! धन बल पुत्र हेतु, करते उपासना।[...]
छठ मैया की महिमा निराली आशीष अम्बरछठ मैया की महिमा निराली आशीष अम्बर
छ्ठ मैया की महिमा निराली खड़ें है हर घाटों में , हैं सूप हाथों में लेकर । लगा रहे हैं[...]
आओ छठ पर्व मनाएं शैलेन्द्र कुमारआओ छठ पर्व मनाएं शैलेन्द्र कुमार
आओ छठ पर्व मनाएं एकता, भाईचारा, सौहार्द फैलाएं आओ छठ पर्व मनाएं।। नहाए खाए, सहना, खड़ना रस्म निभाएं आओ छठ[...]
छठ की गरिमा -अमरनाथ त्रिवेदीछठ की गरिमा -अमरनाथ त्रिवेदी
2 छठ पर्व की गरिमा वंश परम्परा चलती रहे , सुख से जियें लोग सभी । कामना करते छठ व्रती यही , बन जाए सबकी बात सभी ।[...]
छठ की महिमा -अमरनाथ त्रिवेदीछठ की महिमा -अमरनाथ त्रिवेदी
1 छठ की महिमा तन ,मन, धन , श्रद्धा ,भक्ति , एक साथ हो जिस पर्व मे । भक्ति का यह अनुपम[...]
