Author: Dr Snehlata Dwivedi

धनतरेस -रामपाल प्रसाद सिंहधनतरेस -रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 8:03 am

धनतेरस। रोला छंद । पावन कार्तिक मास,स्वर्ग से सुंदर भाता। त्रयोदशी का योग,कृष्ण पक्ष अति सुहाता। प्रकट हुए धनदेव, ग्रंथ[...]

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Jainendra

तुमसे लगन लगी -जैनेंद्र प्रसाद रवितुमसे लगन लगी -जैनेंद्र प्रसाद रवि

0 Comments 6:54 pm

तुमसे लगन लगी ग्वाल-बाल संग मिल, गोपियों के घर जाते, आदत थी छिपकर, माखन चुराने की। गांव की ग्वालन जातीं,[...]

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उम्मीद का दिया अवधेश कुमारउम्मीद का दिया अवधेश कुमार

0 Comments 6:33 pm

उम्मीद का दिया : एक शिक्षक की दीपावली उम्मीद का दिया जलाता हूँ, जीवन को नया अर्थ देता हूँ। कुछ[...]

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दिवाली – नीतू रानीदिवाली – नीतू रानी

0 Comments 6:14 pm

दिवाली। -सादगी से दिवाली। आओ बच्चों चलो मनाने मिलकर हम सब दिवाली, आएँगी सज-धज कर घर में डोली पर बैठकर[...]

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Ram Kishor Pathak

दिवाली में -रामकिशोर पाठकदिवाली में -रामकिशोर पाठक

0 Comments 6:10 pm

दिवाली में सजाकर गाँव की गलियाँ करें रौशन दिवाली में। सजा दो फूल की लड़ियाँ लगे उपवन दिवाली में।। बताना[...]

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Ratna Priya

दीपक के कई रूप रत्ना प्रियादीपक के कई रूप रत्ना प्रिया

0 Comments 9:46 am

दीपक के कई रूप एक दीप, आशा की किरण, निराश मन की आशा | एक ज्योति, उज्ज्वल दृष्टि, नयनों की[...]

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मीठी बोली- रामपाल प्रसाद सिंहमीठी बोली- रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 7:30 am

मीठी बोली। कोयल के लिए स्वर,अनमोल सरोवर, डूबने को हर लोग,चाहते हैं दिन-रात। काक काला लिए रंग,कंठस्थ है स्वरभंग, करते[...]

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वंदनवार सजे शारदा – रामपाल प्रसाद सिंहवंदनवार सजे शारदा – रामपाल प्रसाद सिंह

0 Comments 7:24 am

वंदनवार सजे शारदा शोर हुआ अब कानन में। मदिरा सवैया भोर हुई उठ जा प्रिय जीवन, बोल रही कोयल वन[...]

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हेलो अक्टूबर अवधेश कुमारहेलो अक्टूबर अवधेश कुमार

0 Comments 11:25 am

हेलो अक्टूबर : मेरे बगीचे से : बाल कविता अक्टूबर आया लेकर मौसम सुहाना सा, सूरज मृदु , नभ नीला[...]

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